डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत आने वाले आदर्श ग्राम चांडा में मंगलवार को प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। गौरतलब है कि बीते दिनों चांडा, तातंर और सिलपिंडी गांव के ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं के अभाव में शहडोल-पंडरिया नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया था। ग्रामीणों के इसी आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने गांव पहुंचकर समस्याओं के निराकरण का वादा किया था, जिसे निभाते हुए आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अक्षय डिगरसे विभागीय अमले के साथ खुद चांडा पहुंचे। सुबह 11:00 बजे से आयोजित इस जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
शिविर के दौरान एसडीएम ने एक-एक ग्रामीण की बात सुनी और मौके पर उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने सबसे प्रमुख मुद्दा मोबाइल नेटवर्क और पेयजल संकट का उठाया, जिस पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने जियो और बीएसएनएल के अधिकारियों को नेटवर्क रेंज बढ़ाने की कार्यवाही तुरंत शुरू करने को कहा। वहीं पीएचई विभाग को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र के सभी खराब हैंडपंपों को तत्काल सुधारा जाए और जल संकट वाले टोलों में नई बोरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया जिसके तहत अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चांडा में सप्ताह में कम से कम तीन दिन डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
इस शिविर में कुल 54 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से अधिकांश का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जॉब कार्ड में नाम जुड़वाने, राशन कार्ड की समस्याओं और किसान सम्मान निधि का लाभ न मिलने की शिकायतें दर्ज कराईं। एसडीएम ने संबंधित पटवारियों को निर्देशित किया कि वे तुरंत सर्वे कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना शुरू करें। इसके अलावा मनरेगा के तहत नई योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। प्रशासन के इस सक्रिय रुख और त्वरित कार्यवाही से ग्रामीणों में संतोष का भाव देखा गया और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शेष बचे आवेदनों पर भी समय सीमा के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा।
रिपोर्ट: अभिलाष शुक्ला, सत्य प्रहार न्यूज़
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