डिंडोरी। डिंडोरी कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और दवाओं के अवैध व अनियंत्रित विक्रय पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे के कुशल निर्देशन में बुधवार, 08 अप्रैल 2026 को औषधि निरीक्षक द्वारा जिले के शाहपुर और विक्रमपुर क्षेत्रों में संचालित विभिन्न मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया गया। इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके के दवा विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति बनी रही। जांच टीम ने इस दौरान जनता मेडिकल स्टोर्स, सूर्या मेडिकल स्टोर्स, शिव मेडिकल स्टोर्स, बालाजी मेडिकल स्टोर्स, हर्ष मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, गुप्ता मेडिकल स्टोर्स और शिल्पा मेडिकल स्टोर्स सहित कई दुकानों की सघन जांच की।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को कई गंभीर अनियमितताएं देखने को मिलीं, जो जनस्वास्थ्य के लिहाज से बेहद चिंताजनक हैं। जांच में पाया गया कि कुछ मेडिकल स्टोर्स बिना किसी अधिकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति के ही संचालित किए जा रहे थे, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा कई दुकानों में दवाओं की बिक्री से संबंधित बिल बुक का उचित रखरखाव नहीं पाया गया। सबसे गंभीर लापरवाही तब सामने आई जब कुछ दुकानों में एक्सपायरी यानी समय सीमा समाप्त हो चुकी दवाओं को सामान्य ट्रेड स्टॉक के साथ ही रखा पाया गया, जिससे मरीजों को गलत दवा मिलने का खतरा बना रहता है।
इन तमाम अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी को देखते हुए औषधि निरीक्षक ने मौके पर ही कड़ा एक्शन लिया। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में संचालित हो रही दवा दुकानों को तत्काल प्रभाव से तब तक के लिए अस्थाई रूप से बंद करवा दिया गया है, जब तक वहां अधिकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो जाती। इसके साथ ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन भी दुकानों में खामियां मिली हैं, उन्हें जल्द ही 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई ने यह साफ संकेत दे दिए हैं कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की आकस्मिक जांच जारी रहेगी।
सत्य प्रहार के लिए डिंडोरी से अभिलाष

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