डिंडौरी जिले में फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई यानी पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू करते हुए पूरे जिले की राजस्व सीमा में नरवाई जलाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है।
जारी किए गए आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि नरवाई जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है बल्कि इससे मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति भी नष्ट हो जाती है। इसके अतिरिक्त खेतों में लगाई गई यह आग अक्सर बेकाबू होकर बड़ी आगजनी की घटनाओं का रूप ले लेती है जिससे जन-धन की भारी हानि होने की संभावना बनी रहती है। पर्यावरण असंतुलन को रोकने के लिए प्रशासन ने इस गतिविधि को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 और अन्य कानूनी धाराओं के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व अमले को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और उल्लंघन करने वालों पर तत्काल प्रकरण दर्ज करें।
निगरानी के साथ-साथ जिला प्रशासन जागरूकता पर भी जोर दे रहा है। कृषि और राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे संयुक्त रूप से किसानों के बीच जाएं और उन्हें नरवाई जलाने के नुकसानों के बारे में समझाएं। किसानों को पराली प्रबंधन के अन्य विकल्पों के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश अगले दो महीनों तक प्रभावी रहेगा ताकि कटाई के इस सीजन में आगजनी और प्रदूषण की घटनाओं पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।

0 टिप्पणियाँ