दिल्ली से दुधेरा तक: जब केंद्र की नोडल ऑफिसर ने चखा डिंडोरी के विकास का स्वाद

 

संपादकीय: अभिलाष शुक्ला, सत्य प्रहार न्यूज़

भारत के हृदय प्रदेश मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में आज एक ऐसी तस्वीर उभरी जिसने यह साबित कर दिया कि दिल्ली की योजनाएं अब केवल कागजों का हिस्सा नहीं हैं बल्कि वे सुदूर वनांचलों की प्यास बुझा रही हैं और खेतों में हरियाली बिखेर रही हैं। अवसर था केंद्र सरकार की नोडल ऑफिसर और भारत सरकार की  सचिव स्तर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी स्वाति मीणा नायक के विशेष दौरे का। बम्हनी पंचायत के एक छोटे से पोषक ग्राम दुधेरा में जब देश की राजधानी से आई इस वरिष्ठ अधिकारी के कदम पड़े, तो पूरा गांव उत्साह और उम्मीदों से भर उठा। यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि मोदी सरकार की उन महत्वाकांक्षी योजनाओं की धरातलीय परीक्षा थी जो ग्रामीण भारत की तकदीर बदलने का दावा करती हैं।

आईएस स्वाति मीणा नायक ने दुधेरा पहुंचते ही सबसे पहले उन हाथों की ताकत को देखा जो मिट्टी से सोना उपजा रहे हैं। ग्राम की कर्मठ महिलाओं द्वारा अपनाई जा रही जैविक खेती के मॉडल ने अधिकारियों को अचंभित कर दिया। रसायनों और कीटनाशकों के दौर में जब पूरी दुनिया शुद्धता की तलाश कर रही है, तब दुधेरा की इन महिलाओं ने जहर मुक्त खेती को अपनाकर न केवल पर्यावरण की रक्षा की है बल्कि अपनी आय के नए मार्ग भी प्रशस्त किए हैं। मुख्य सचिव महोदया ने इन महिलाओं के काम करने के तरीके को गहराई से समझा और उनके अटूट हौसले की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत की असली नींव यही महिलाएं हैं जो पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर समाज के सामने एक उदाहरण पेश कर रही हैं।

विकास की इस पड़ताल के दौरान एक ऐसा क्षण भी आया जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता और पारदर्शिता की नई मिसाल पेश की। केंद्र सरकार की 'नल-जल योजना' के क्रियान्वयन को परखने के लिए आईएएस स्वाति मीणा नायक ने किसी कागजी रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय स्वयं धरातल पर उतरना बेहतर समझा। उन्होंने गांव के एक घर के बाहर लगे नल से बहते पानी को स्वयं पिया और उसकी शुद्धता व शीतलता को महसूस किया। यह दृश्य अपने आप में यह बताने के लिए काफी था कि 'हर घर नल, हर घर जल' का संकल्प डिंडोरी के अंतिम छोर तक पूरी ईमानदारी के साथ पहुंच रहा है। इसके बाद गांव की चौपाल पर बिछी टाट-पट्टियों पर बैठकर उन्होंने आजीविका दीदियों से सीधा संवाद किया और उनके जीवन में आए बदलावों की कहानी उन्हीं की जुबानी सुनी।

सफर का अगला पड़ाव समनापुर रहा, जहां आजीविका मिशन की दीदियों के साथ एक सार्थक चर्चा हुई। इस पूरे भ्रमण के दौरान जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी और एसडीएम राम बाबू देवांगन सहित जिले का पूरा प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिले में चल रहे नवाचारों और केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी साझा की। अंततः, केंद्र की नोडल ऑफिसर का यह दौरा यह संदेश दे गया कि जब दिल्ली की दृष्टि और जिला प्रशासन की सक्रियता एक साथ मिलती है, तो दुधेरा जैसे छोटे गांव भी विकास की मुख्यधारा में सबसे आगे खड़े नजर आते हैं। मोदी सरकार की कृषि धन-धान्य योजना और महिला सशक्तिकरण के प्रयास आज डिंडोरी की माटी में अपनी जड़ें मजबूत कर चुके हैं।


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