अमरकंटक हाईवे चक्काजाम: क्या है कुटेली दादर मार्ग निर्माण में देरी की असली वजह? जानिए जाम के पीछे की पूरी सच्चाई

 डिंडौरी। जिले के करंजिया ब्लॉक अंतर्गत रूसा के पास आज अमरकंटक नेशनल हाईवे NH-45 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। ग्राम कुटेली दादर के निवासी लंबे समय से गांव के लिए पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं और प्रशासन की ढिलाई से नाराज होकर उन्होंने आज हाईवे पर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन को मजबूती देने स्थानीय कांग्रेस विधायक ओंकार सिंह मरकाम भी मौके पर पहुंचे और उनके साथ धरने पर बैठ गए। हाईवे पर जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन की ओर से एसडीएम अक्षय डीग्गरसे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की।

इस पूरे मामले की गंभीरता और नेशनल हाईवे पर बढ़ते दबाव को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने तत्काल संज्ञान लिया और उन्होंने डीएफओ वन विभाग से सीधी चर्चा की। कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए और लंबित कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। पीएमजीएसवाई (PMGSY) के इंजीनियर जयप्रकाश हिराओ ने मामले की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि कुटेली दादर की यह सड़क साल 2024 से स्वीकृत है, लेकिन मार्ग के बीच में लगभग 2.92 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की सीमा में आ रही है। चूंकि जिले में वन विभाग को बदले में देने के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं थी, इसलिए अब शासन द्वारा मुरैना जिले में 3.15 हेक्टेयर जमीन वन विभाग को हस्तांतरित की जानी है। एसडीएम अक्षय डीग्गरसे ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मुरैना में जमीन हैंडओवर करने की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है और इस प्रक्रिया के पूरा होते ही वन विभाग से एनओसी मिल जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।

रिपोर्ट: सत्य प्रहार न्यूज

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