डिंडोरी। पुलिस महकमे में जब नेतृत्व मजबूत हो और इरादे नेक, तो नामुमकिन काम भी मुमकिन हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है डिंडोरी जिले की कर्मठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह और उनकी टीम ने। "ऑपरेशन मुस्कान" के तहत डिंडोरी पुलिस ने एक ऐसी सफलता हासिल की है, जिसकी गूँज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। पुलिस ने लगभग 3 साल से लापता एक नाबालिग बालिका को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से सकुशल बरामद कर लिया है।
एसपी वाहनी सिंह का कुशल मार्गदर्शन लाया रंग इस पूरे ऑपरेशन की सफलता के पीछे पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह की दूरगामी सोच और सटीक रणनीति रही है। उनके मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा और एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने इस पेचीदा मामले की कमान संभाली। साल 2023 से लंबित इस मामले में पुलिस के पास चुनौतियां बहुत थीं, लेकिन एसपी के निरंतर प्रोत्साहन और तकनीकी साक्ष्यों के सही विश्लेषण ने टीम को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तक पहुँचा दिया।
कोतवाली पुलिस की जांबाजी और तकनीकी दक्षता कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर जम्मू-कश्मीर के राजबाग थाना क्षेत्र में योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई की। तीन साल पुराने इस गुमशुदगी प्रकरण (अपराध क्रमांक 87/2023) में सफलता पाना आसान नहीं था, लेकिन टीम की कर्तव्यनिष्ठा ने एक परिवार को उसकी खोई हुई खुशियाँ वापस लौटा दी हैं।
इन अधिकारियों और जवानों की रही मुख्य भूमिका इस सराहनीय और मानवीय कार्य को अंजाम देने में निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे के साथ सहायक उप निरीक्षक मुकेश बैरागी, शेख सिराज, प्रधान आरक्षक मुकेश प्रधान, आरक्षक विनोद माहौर और जगदीश की विशेष भूमिका रही। जिले भर के प्रबुद्ध जनों और आम जनता ने पुलिस अधीक्षक और उनकी पूरी टीम की इस संवेदनशीलता और कार्यशैली की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। डिंडोरी पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे सात समंदर पार ही क्यों न हो, खाकी की पहुँच से बच नहीं सकता।
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