डिंडोरी (सत्य प्रहार न्यूज़)। जिला प्रशासन डिंडोरी द्वारा महिला सुरक्षा और स्वावलंबन की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय और प्रभावी पहल की गई है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया के कुशल निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर के सतत मार्गदर्शन में जिले में संचालित 'मिशन शक्ति हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन' के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर द्वारा सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में आज दिनांक 17 मार्च 2026 को विकासखंड डिंडोरी के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों खुरपार और जुनवानी के आंगनबाड़ी केंद्रों में एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम का सफल संपादन किया गया। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य ग्रामीण परिवेश में रहने वाली महिलाओं और किशोरियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग करना और समाज में गहराई तक पैठ बना चुकी बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में वन स्टॉप सेंटर प्रशासक श्रीमती सविता धार्वे ने उपस्थित जनसमूह, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बालिकाएं और पुरुष शामिल थे, को मिशन शक्ति की महत्वपूर्ण उपयोजनाओं 'संबल' एवं 'सामर्थ्य' के विषय में बिंदुवार और विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने समाज के हर वर्ग को यह समझाने का प्रयास किया कि सरकार की इन योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं किस प्रकार आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सकती हैं। कार्यक्रम का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्सा 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' रहा, जिसमें श्रीमती धार्वे ने बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अत्यंत कड़े शब्दों में आगाह किया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक अभिशाप है, बल्कि भारतीय कानून के तहत यह एक दंडनीय अपराध भी है, जिसमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है।
इसी तारतम्य में ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं को विषम परिस्थितियों में तत्काल सहायता प्राप्त करने के मंत्र भी दिए गए। उन्हें बताया गया कि यदि वे किसी भी प्रकार की हिंसा, प्रताड़ना या संकट का सामना करती हैं, तो वे बिना किसी भय के महिला हेल्पलाइन नंबर 181, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 अथवा वन स्टॉप सेंटर के समर्पित हेल्पलाइन नंबर 7828195167 पर संपर्क कर सकती हैं। इन नंबरों के माध्यम से उन्हें न केवल सुरक्षा प्रदान की जाएगी, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता और परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना पर्यवेक्षक श्रीमती कमला मरावी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर महिलाओं की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण का आश्वासन दिया।
आयोजन के अंतिम चरण में एक भावुक और प्रेरक दृश्य देखने को मिला, जब वहां उपस्थित सभी बालिकाओं, महिलाओं और ग्रामीणों ने एक स्वर में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध खड़े होने और समाज से इसके पूर्ण उन्मूलन हेतु अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने यह प्रण किया कि वे न केवल अपने परिवार बल्कि अपने पूरे गांव और समाज को इस बुराई से मुक्त रखेंगे। सत्य प्रहार न्यूज़ प्रशासन के इस जमीनी प्रयास की सराहना करता है, क्योंकि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम ही सही मायने में समाज की सोच में परिवर्तन लाने का सामर्थ्य रखते हैं। यह पहल डिंडोरी जिले को एक सुरक्षित और सशक्त जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
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