डिंडौरी जिले के बजाग स्थित बीआरसी मैदान में सोमवार को आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का भव्य समारोह न केवल सामाजिक एकजुटता का गवाह बना, बल्कि प्रशासनिक तत्परता की एक मिसाल भी पेश कर गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में
करंजिया और बजाग जनपद के 200 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और रीति-रिवाजों के बीच नए जीवन की शुरुआत की। समारोह में मुख्य अतिथि डिंडौरी विधायक श्री ओमकार सिंह मरकाम के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते और भाजपा जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम जैसे जनप्रतिनिधियों ने नव-दंपत्तियों को सुखद भविष्य का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री श्याम सिंगौर, असिस्टेंट कमिश्नर श्री राजेंद्र जाटव और एसडीओपी बजाग श्री विवेक गौतम सहित जिले के तमाम आला अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैद रहे, जिनकी देखरेख में आयोजन की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद नजर आईं।
समारोह के दौरान विधायक श्री मरकाम ने जोड़ों को नशे से दूर रहने और परस्पर विश्वास के साथ गृहस्थी बसाने का संदेश दिया, तो वहीं जिला अध्यक्ष श्री चमरू नेताम ने वैवाहिक वर्षगांठ पर वृक्षारोपण की एक नई और सराहनीय परंपरा शुरू करने की अपील की। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने इस दौरान एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए बेटियों की शिक्षा, पहनावे की आजादी और जल संरक्षण जैसे सात महत्वपूर्ण संकल्प दिलाए। प्रशासन की संवेदनशीलता तब और निखर कर सामने आई जब कलेक्टर ने स्वयं वर-वधुओं के पास जाकर उनसे संवाद किया और किसी भी कठिनाई के लिए अपना व्यक्तिगत नंबर तक साझा किया। योजना के तहत शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को मिलने वाली 49,000 रुपये की सहायता राशि भी डिजिटल माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई, जिससे पारदर्शिता और त्वरित लाभ सुनिश्चित हुआ।
इस भव्य आयोजन की सबसे अनूठी पहल 'स्व जनगणना' अभियान रहा, जिसने वनांचल क्षेत्र के इस समारोह को आधुनिकता और जागरूकता से जोड़ दिया। कलेक्टर के मार्गदर्शन और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में यहां विशेष काउंटर स्थापित किए गए, जहां शिक्षकों ने ग्रामीणों को ऑनलाइन जनगणना फॉर्म भरने की तकनीक सिखाई। कई नवविवाहित जोड़ों ने अपनी शादी के तुरंत बाद ऑनलाइन फॉर्म भरकर डिजिटल इंडिया के संकल्प को धरातल पर उतारा। सेल्फी प्वाइंट्स और हेल्प डेस्क के माध्यम से हजारों की भीड़ को इस अभियान से जोड़ना प्रशासन का एक सफल नवाचार रहा, जिसकी चहुंओर सराहना हो रही है। यह पूरा आयोजन जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय और कुशल प्रबंधन के कारण न केवल सफल रहा, बल्कि समाज को एक सशक्त और जागरूक संदेश देने में भी कामयाब हुआ।

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