रक्तदान से बढ़कर कोई सेवा नहीं

 डिंडोरी जिला चिकित्सालय में बीती रात मानवता की एक मिसाल देखने को मिली, जहां रक्त की कमी से जूझ रहे एक मरीज के लिए 'देवदूत' बनकर सामने आए प्रकाश केसवानी। ग्राम मानिकपुर निवासी प्रदीप कुमार, जो सिकल सेल बीमारी से ग्रसित हैं, अस्पताल में भर्ती थे और उन्हें तत्काल बी-पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता थी। रात 11:00 बजे जैसे ही इस बात की सूचना श्याम बूट हाउस के संचालक प्रकाश केसवानी को मिली, उन्होंने बिना देर किए अस्पताल पहुंचकर अपना अमूल्य रक्तदान किया। उनके इस सराहनीय कदम से मरीज की जान बच सकी, जिसके बाद जन समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष और देवदूत रक्तदान परिवार के संचालक सिंघई अतुल जैन ने उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है।

रक्तदान को लेकर समाज में यह संदेश जाना अत्यंत आवश्यक है कि हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी के लिए जीवन का उपहार साबित हो सकता है। रक्तदान न केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी है, बल्कि यह स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि इससे शरीर में नए रक्त का संचार होता है। जब हम रक्तदान करते हैं, तो हम केवल खून की कुछ बूंदें ही नहीं देते, बल्कि एक परिवार की खुशियां और किसी का जीवन बचाने की उम्मीद भी देते हैं। प्रकाश केसवानी जैसे जागरूक नागरिकों का यह निस्वार्थ प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है, जो यह सिद्ध करता है कि इंसानियत आज भी जीवित है और संकट के समय एक-दूसरे की मदद करना ही सबसे बड़ा धर्म है।

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