डिण्डौरी: न्याय और सुरक्षा के समन्वय पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न, कलेक्टर और न्यायाधीश ने साझा किए विचार

 

डिण्डौरी। जिला मुख्यालय स्थित नेचर कोर्टयार्ड में रविवार को अभियोजन और पुलिस अधिकारियों के लिए एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। लोक अभियोजन संचालनालय मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधिक प्रक्रियाओं की बारीकियों और विभागीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट जैसे संवेदनशील विषयों पर अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया ताकि जमीनी स्तर पर न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।


​मीडिया सेल प्रभारी और अभियोजन अधिकारी श्री मनोज कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य न्यायालयीन कार्यों में आने वाली चुनौतियों का समाधान करना और पुलिस व अभियोजन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान डीएसपी, निरीक्षक, उपनिरीक्षक और आरक्षकों सहित महिला आरक्षकों को विभिन्न महत्वपूर्ण अधिनियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान उपस्थित प्रशिक्षुओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन और लेखन सामग्री भी वितरित की गई ताकि वे अपने कार्यों को और अधिक सटीकता से अंजाम दे सकें।

​कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने बेहद प्रभावी ढंग से प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका के अंतर्संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये तीनों विभाग एक ही माला के मोतियों के समान हैं, जिनके आपसी तालमेल से ही समाज में एक सुदृढ़ न्याय व्यवस्था कायम होती है। कलेक्टर ने विशेष रूप से जोर दिया कि पुलिस और प्रशासन एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं। उन्होंने वर्दी की गरिमा का सम्मान करने की बात कहते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे एससी/एसटी और पॉक्सो एक्ट जैसे मामलों में पूरी संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें।

​इसी क्रम में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री कमलेश कुमार सोनी ने विधिक सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उन्होंने रेखांकित किया कि न्यायालय का मूल सिद्धांत यह है कि किसी भी परिस्थिति में किसी निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका इसी सावधानी के साथ कार्य करती है कि भले ही प्रक्रिया में कोई अपराधी बच जाए, लेकिन एक भी निर्दोष व्यक्ति दंडित न हो। उन्होंने गंभीर अपराधों में पूरी विधिक प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया।

​इस अवसर पर जिला प्रशासन और न्यायिक जगत की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें प्रभारी सहायक निदेशक श्री मनोज कुमार वर्मा, एडीपीओ श्री लक्ष्मीनारायण साहू, श्री प्रमोद कुमार पटेल, श्री कमलेश कुमार पटले, श्री निहाल टेकाम और एसडीओपी डिण्डौरी श्री द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे।

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