क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 3 अप्रैल 2026 को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि ग्राम देवरा और विचारपुर की सरहद पर एक अज्ञात पुरुष का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही शाहपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मृतक की शिनाख्त ग्राम देवरा निवासी गुलशन के रूप में हुई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें खुलासा हुआ कि गुलशन की मृत्यु गला घोंटने के कारण हुई है। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1), 238(ए), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस की सक्रियता और आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डिंडोरी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी सेल (Technical Cell) और मुखबिरों की सहायता से पुलिस को सूचना मिली कि घटना वाली रात गुलशन को गांव के ही भाग सिंह और राकेश के साथ देखा गया था।
पुलिस ने जब दोनों संदेही युवकों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते उन्होंने 2 अप्रैल की रात सुतली रस्सी से गुलशन का गला घोंट दिया और शव को छिपाने के उद्देश्य से विचारपुर के पास एक खेत में फेंक दिया।
साक्ष्य और टीम की सफलता
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सुतली रस्सी, ट्रैक्टर-ट्रॉली (क्रमांक MP 20 ZB 1051) और घटना के समय पहने हुए कपड़े जब्त कर लिए हैं।
इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करने में शाहपुर थाना प्रभारी निरीक्षक केवल सिंह परते, एएसआई रामप्रसाद यादव, प्रधान आरक्षक कोदूराम जोगी, पहलू सिंह तेकाम, मुकेश प्रधान, आरक्षक अंकित मरावी, चालक अभिजीत सिंह और महिला आरक्षक पल्लवी पाराशर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ऐसी ही निष्पक्ष और सटीक खबरों के लिए पढ़ते रहिए 'सत्य प्रहार न्यूज़'। रिपोर्ट: अभिलाष शुक्ला, डिंडोरी
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