डिंडौरी। डिंडौरी जिले के शहपुरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम डोमदादर से एक अत्यंत विचलित करने वाला मामला सामने आया था, जहाँ मासूम बच्चों का मध्यान्ह भोजन शौचालय के भीतर पकाया जा रहा था। 'सत्य प्रहार न्यूज़' द्वारा इस विषय को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। कलेक्टर महोदय के निर्देशन में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया है और तीन वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नीचे शासन द्वारा जारी प्रत्येक पत्र का विस्तृत विवरण दिया गया है:
प्राथमिक शिक्षक श्री माधो सिंह परस्ते पर निलंबन की गाज प्राथमिक शाला डोमदादर में पदस्थ शिक्षक श्री माधो सिंह परस्ते को इस गंभीर लापरवाही के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी पाया गया है।
विवरण: आदेश के अनुसार, विद्यालय में नवंबर 2025 से ही अस्वच्छ स्थान पर भोजन पकाया जा रहा था। शिक्षक द्वारा इस अत्यंत संवेदनशील स्थिति की सूचना उच्च कार्यालय को नहीं दी गई। इसे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ और पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जनशिक्षक श्री सुरेश परस्ते तत्काल प्रभाव से निलंबित जनशिक्षा केंद्र कछारी के जनशिक्षक श्री सुरेश परस्ते को भी मॉनिटरिंग में विफल रहने पर दंडित किया गया है।
विवरण: पत्र के अनुसार, जनशिक्षक का यह अनिवार्य कर्तव्य है कि वे अपने क्षेत्र की संस्थाओं का नियमित निरीक्षण करें। शौचालय में भोजन पकने जैसी अशोभनीय स्थिति की जानकारी होने के बाद भी उन्होंने इसे रोकने हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस कारण उन्हें मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया गया है।
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) श्री एम.के. राय को कारण बताओ नोटिस शहपुरा के बीईओ श्री एम.के. राय को उनके प्रशासनिक पर्यवेक्षण में कमी के लिए जवाबदेह ठहराया गया है।
विवरण: शासन द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख है कि बीईओ का यह पदीय दायित्व है कि वे रोस्टर के अनुसार संस्थाओं का निरीक्षण कर भोजन और पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करें। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि उन्होंने अपने दायित्वों की उपेक्षा की है। उन्हें तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।
बीआरसी श्री गुरु प्रसाद साहू से माँगा गया स्पष्टीकरण विकासखण्ड स्रोत समन्वयक (BRC) शहपुरा को भी इस प्रकरण में नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
विवरण: बीआरसी को जारी पत्र में कहा गया है कि उनके द्वारा अधीनस्थ संस्थाओं के निरीक्षण में रुचि न लेना खेदजनक है। यदि उनके द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाती, तो बच्चों को इस अस्वच्छ वातावरण में बना भोजन नहीं करना पड़ता। इस घटना से विभाग की छवि धूमिल हुई है, जिस पर उनसे स्पष्टीकरण माँगा गया है।
प्रभारी संकुल प्राचार्य श्री श्यामजी गुप्ता को कारण बताओ सूचना पत्र संकुल प्राचार्य कछारी, श्री श्यामजी गुप्ता को भी पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बरतने का दोषी माना गया है।
विवरण: पत्र के अनुसार, संकुल अंतर्गत संचालित संस्थाओं में भोजन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना प्राचार्य का दायित्व है। मौका-मुआयना और पंचनामा रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि उन्होंने लंबे समय से चल रही इस अनियमितता पर ध्यान नहीं दिया। उन्हें चेतावनी देते हुए तीन दिन में स्वयं उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया गया है।





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