संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, मांगें पूरी न होने पर 8 जून को भोपाल में सीएम हाउस घेराव की चेतावनी



राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत डिंडौरी जिले के समस्त संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। शासन की नीतियों के प्रति अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कर्मचारियों ने जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश उरैती के नेतृत्व में एकत्र होकर संविदा कर्मियों के लिए बनाई गई नई अप्रेजल (मूल्यांकन) नीति के आदेशों का होलिका दहन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने 'अप्रेजल प्रथा बंद करो' और 'शोषण नहीं सम्मान चाहिए' जैसे नारे लगाकर शासन की व्यवस्था के प्रति अपनी असहमति व्यक्त की। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि यह नई मूल्यांकन नीति उनके हितों के अनुकूल नहीं है और इससे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। इससे पूर्व संगठन द्वारा शासन-प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराने के लिए व्यापक स्तर पर जो ज्ञापन सौंपा गया था, उसकी पूरी विस्तृत रिपोर्ट और कर्मचारियों की मूल मांगें आप यहाँ क्लिक कर पढ़ सकते हैं

लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और ज्ञापन सौंपने के बाद भी जब शासन-प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, तब जाकर शोषित कर्मचारियों को इस तरह के आंदोलन का रास्ता चुनने पर मजबूर होना पड़ा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, वेतन विसंगति में सुधार, एनपीएस, डीए, समान कार्य-समान वेतन और नौकरी की सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित होने वाली कई महत्वपूर्ण सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका गहरी हो गई है। विशेष रूप से नियमित टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, सामुदायिक स्वास्थ्य गतिविधियां और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं इससे सीधे तौर पर प्रभावित हो सकती हैं। वर्तमान में भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए डायरिया, उल्टी-दस्त, लू और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को मैदानी स्तर पर चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 


संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने अपनी भावी रणनीति को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट रुख अपना लिया है। जिला इकाई के पदाधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर शासन स्तर से कोई सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह मैदानी आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। इसके साथ ही कर्मचारियों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते उनकी जायज मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आगामी 8 जून को प्रदेशभर के हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी राजधानी भोपाल में एकत्रित होकर मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) का घेराव करेंगे। मंगलवार से शुरू हुए इस धरने के दौरान जिले के प्रमुख पदाधिकारियों सहित उपेन्द्र पारासर, जिला उपाध्यक्ष जफर खान, पूर्व जिला अध्यक्ष दलवीर साह बहादुर, जिला मीडिया प्रभारी कमल ठाकुर, जिला सह मीडिया प्रभारी गिरीश डेहरिया, जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अंजना धुर्वे, जिला महिला प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष रूपा नामदेव, वरिष्ठ मार्गदर्शक सुशील नामदेव, आनंद मोहरे, अंकित चौरसिया, विजय, अनिल साहू, विशाल, विवेक नामदेव, डॉ. अंकित अलावे, विक्की जमरा, अनिल पट्टा, कोमल मरावी, सत्यम श्रीवास सहित बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

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