कलेक्ट्रेट जनसुनवाई , जिला पंचायत सीईओ ने सुनीं 77 शिकायतें; बंद पेंशन की गुहार लेकर पहुंचे दिव्यांग को मौके पर मिली ट्राइसाइकिल

डिंडौरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज मंगलवार को साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री दिव्यांशु चौधरी ने की। इस साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे, जहां कुल 77 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से बिजली आपूर्ति में बाधा, पेयजल संकट, बदहाल सड़कें, लंबित मुआवजा, प्रधानमंत्री आवास योजना में आ रही दिक्कतें और प्रशासनिक स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए। जिला पंचायत सीईओ ने कलेक्ट्रेट पहुंचे एक-एक ग्रामीण की समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना। उन्होंने प्राप्त सभी आवेदनों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि इन सभी मामलों की जमीनी स्तर पर निष्पक्ष जांच कर समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि आम जनता को परेशान न होना पड़े।

आज की जनसुनवाई में प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय का एक बड़ा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब ग्राम छांटा बैगा टोला निवासी दिव्यांग हितग्राही मनोज कुमार, पिता बैसाखू बैगा अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। शारीरिक रूप से अक्षम और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर मनोज कुमार ने आवेदन सौंपकर बताया कि उनकी दिव्यांग पेंशन अचानक बंद हो जाने से उनके सामने दैनिक जीवनयापन और भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस संवेदनशील मामले को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी ने बिना देर किए त्वरित एक्शन लिया। उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही तलब किया और उनके माध्यम से दिव्यांग हितग्राही को तुरंत एक नई ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि हितग्राही के दिव्यांगता संबंधी दस्तावेजों का आज ही परीक्षण किया जाए और पात्रता के अनुसार उनकी बंद पड़ी दिव्यांग पेंशन को तत्काल प्रभाव से दोबारा स्वीकृत किया जाए। प्रशासन की इस त्वरित और मानवीय पहल से दिव्यांग मनोज कुमार के चेहरे पर राहत की मुस्कान तैर गई और उन्होंने जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।


इसके अलावा जनसुनवाई में ग्रामीण अंचलों की कई अन्य प्रमुख और गंभीर शिकायतें भी सामने आईं, जिन पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। ग्राम पंचायत सारंगपुर पड़रिया के ग्रामीणों ने एकीकृत शाला हाई स्कूल में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शिकायत दर्ज कराई कि प्राचार्य महोदय विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं और राष्ट्रीय पर्वों के दौरान भी उनका व्यवहार अनुचित रहता है, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य और अनुशासन प्रभावित हो रहा है। इस मामले में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, ग्राम नयेगांव रैयत (महुआ टोला) के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में वर्ष 2007 में लगाए गए बिजली के तार अब पूरी तरह जर्जर होकर जगह-जगह से टूट रहे हैं, जिससे हर समय बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है और गांव अक्सर अंधेरे में डूबा रहता है। इसी तरह ग्राम पंचायत देवरा (किसान टोला) के सरपंच ने धरती आबा योजना के तहत सर्वे होने के बावजूद अब तक बिजली कनेक्शन न मिलने की बात कही, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। इन दोनों मामलों में विद्युत विभाग को तत्काल सुधार कार्य करने को कहा गया। शहपुरा तहसील के ग्राम कनेरी माल के दो ग्रामीणों ने फसल के ढेर में आग लगने से हुए भारी आर्थिक नुकसान का ब्यौरा देकर सहायता राशि की मांग की, जबकि ग्राम हर्रा टोला पड़रियाकला के निवासियों ने पेयजल संकट को दूर करने के लिए सार्वजनिक हैंडपंप खनन की गुहार लगाई, जिस पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को तुरंत स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सारंगपुर पड़रिया के ग्रामीणों ने साल 2020-21 से अधूरे पड़े सोसाइटी भवन के निर्माण को जल्द पूरा कराने की मांग की ताकि उन्हें राशन के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। इस पूरी जनसुनवाई प्रक्रिया के दौरान कलेक्ट्रेट में अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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