जिला मुख्यालय डिंडोरी के करंजिया थाना क्षेत्र के ग्राम तरेरा से 17 जून 2026 की सुबह करीब 08:00 बजे लापता हुए मासूम पांच वर्षीय मासूम इमरान खान की लाश सोमवार सुबह गांव के पास के ही जंगल से तीन टुकड़ों में और क्षत-विक्षत हालत में बरामद की गई है।आशंका जताई जा रही है कि जंगली जानवरों ने शव को बुरी तरह से अपना निवाला बनाया है। मामले की गंभीर संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आशीष खरे , एसडीओपी विवेक गौतम के साथ तत्काल मौके पर करंजिया पहुंचकर अपनी सीधी देखरेख में पूरी वैधानिक कार्रवाई और उसका पोस्टमार्टम कराया।
इस पूरे मामले में परिजनों की शिकायत पर थाना करंजिया में पहले ही गुम इंसान क्रमांक 15/2026 और धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध क्रमांक 134/2026 दर्ज कर जांच की जा रही थी। पिछले पांच दिनों से वन विभाग, स्थानीय जनता और पुलिस की संयुक्त टीमें जंगल और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थीं, लेकिन सोमवार सुबह सर्चिंग टीम को जंगल में बच्चे का बुरी तरह डीकंपोज हो चुका शव मिला।
विवेचना के दौरान पुलिस को दो महत्वपूर्ण चश्मदीद गवाह भी मिले हैं, जिन्होंने मासूम को घटना के दिन आखिरी बार देखा था। गांव के ही एक ट्रैक्टर चालक संजय वनवासी ने इमरान को सुबह देखा था, जबकि उसके ठीक 45 मिनट से एक घंटे बाद गांव की ही विनीता यादव नाम की लड़की ने उसे आखिरी बार देखा था। पुलिस अब इन चश्मदीदों के बयानों के साथ-साथ गांव के अन्य लोगों और बच्चे के माता-पिता से भी सघन पूछताछ और तफ्तीश कर रही है ताकि घटना की तह तक पहुंचा जा सके।
"बीते 5 दिनों से फॉरेस्ट, जनता और पुलिस के द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। आज बच्चे की बॉडी जंगल से मिली है, जिसे पुलिस ने बरामद कर पोस्टमार्टम (PM) करवाया है। बॉडी करीब 4 से 5 दिन पुरानी हालत में मिली है, जिससे अंदेशा है कि गुमशुदगी के दिन या उसके अगले दिन ही मौत हो चुकी थी। चूंकि बॉडी बुरी तरह से डीकंपोज हो चुकी है, इसलिए मेडिको-लीगल (Medico-Legal) रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा और उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बच्चे की बॉडी 3 भागों में मिलने की बात पर यह अभी पूरी तरह जांच का विषय है। पुलिस गांव के लोगों और बच्चे के पेरेंट्स से भी पूछताछ व तफ्तीश कर रही है और हर एंगल से मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।"
0 टिप्पणियाँ