शाहपुर के ग्राम घुसिया में प्रशासन की मुस्तैदी: 16 वर्षीय बालिका का बाल विवाह समय रहते रुकवाया, परिजनों को दी सख्त कानूनी चेतावनी

 



कब और कहाँ: यह पूरी कार्रवाई शनिवार को शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम घुसिया (दौरी टोला) में जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई।

कौन और किसके निर्देशन में: कलेटर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के कड़े निर्देशन और महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री माधुरी रजक के कुशल मार्गदर्शन में इस कार्रवाई को पूरा किया गया। सूचना मिलते ही मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती संगीता चौधरी, वन स्टॉप सेंटर की एडमिनिस्ट्रेटर श्रीमती रितु खांडे और परामर्शदाता श्रीमती निकिता मरकाम की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ पहुंची।

क्या और क्यों हुआ: प्रशासन को दूरभाष के माध्यम से सूचना मिली थी कि ग्राम घुसिया में एक नाबालिग बच्ची का विवाह कराया जा रहा है। अधिकारियों ने जब मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, तो पाया कि बालिका की उम्र मात्र 16 वर्ष 5 माह है, जो कि कानूनी रूप से विवाह के योग्य नहीं है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत यह एक गंभीर अपराध है, जिसके कारण टीम ने तुरंत हस्तक्षेप कर विवाह की रस्मों को बीच में ही रुकवा दिया।

कैसे हुई कार्रवाई: गोपनीय सूचना की पुष्टि होते ही संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ शादी रुकवाई, बल्कि बालिका के माता-पिता और उपस्थित परिजनों को कानून का पाठ भी पढ़ाया। अधिकारियों ने परिजनों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि शासन की समझाइश के बाद भी यह बाल विवाह संपन्न कराया जाता है, तो विवाह में शामिल होने वाले प्रत्येक बालिग व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और भारी आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान है। टीम ने परिवार को समझाइश देकर बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को प्राथमिकता देने की अपील की। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने आम जनता से भी आग्रह किया है कि कहीं भी ऐसी सामाजिक कुरीति दिखे तो तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचित करें।

📣 प्रामाणिक खबरें सबसे पहले पाएं!

Satyaprahar.space को Bookmark करें! 🔗

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Crafted by Abhilash Shukla and distributed by Virat Multi Services