मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा: 10 लाख की वित्तीय अनियमितता में उपयंत्री कमलेश धूमकेती सेवा से बर्खास्त

 डिंडोरी। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में जारी भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जिला पंचायत के जिला पंचायत CEO दिव्यांशू चौधरी ने वित्तीय अनियमितता और शासकीय राशि के दुरुपयोग के मामले में जनपद पंचायत डिंडोरी के संविदा उपयंत्री (सब-इंजीनियर) कमलेश धूमकेती की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है

कमलेश धूमकेती सेवा समाप्ति आदेश.के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, जांच में उपयंत्री पर कुल 9,96,449.8 रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितता प्रमाणित हुई है




नियमों को ताक पर रख निजी भूमियों पर बना दिए तीन परकुलेशन टैंक

विभागीय जांच और आदेश के मुताबिक, उपयंत्री धूमकेती ने मनरेगा के नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए ग्राम पंचायत पौण्डी माल और नयेगांव रैयत में कुल 27.95 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत तीन परकुलेशन टैंकों का निर्माण शासकीय भूमि के बजाय ग्रामीणों की निजी स्वामित्व वाली जमीनों पर करवा दिया। नियमों के विपरीत किए गए इस कार्य के कारण उनसे 5,59,000 रुपये की वसूली योग्य राशि तय की गई है

इसके अलावा, ग्राम पंचायत पौंडीमाल में बहेरा नाला शांति धाम के पास बना एक परकुलेशन टैंक निर्माण के बाद 3 मीटर क्षतिग्रस्त पाया गया था, जिसमें जिला स्तरीय जांच समिति के प्रतिवेदन के बाद 77,664 रुपये की अनियमितता पाई गई और 15,532 रुपये की वसूली की देयता निर्धारित की गई है

बिना काम कराए निकाली राशि, सीसी रोड में भी हेराफेरी

उपयंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले यहीं नहीं रुके:

फर्जी मस्टरोल और आहरण: ग्राम पंचायत पड़रियाकला में नाला विस्तारीकरण कार्य के दौरान वर्षाकाल में मजदूरों के नाम पर बिना कोई कार्य कराए, नियम विरुद्ध तरीके से राशि का आहरण किया गया। इस मामले में न्यायालय विहित प्राधिकारी द्वारा 2,23,388 रुपये की देयता निर्धारित की जा चुकी है

कागजों पर चमका दी सड़क: ग्राम पंचायत पौण्डी माल में श्री रामदास के घर से शिखरचंद के घर तक 272 मीटर सीसी रोड स्वीकृत थी। मौके पर उपयंत्री ने सिर्फ 218 मीटर सड़क का निर्माण कराया (54 मीटर कम)। लेकिन कागजों पर पूरी लंबाई का फर्जी मूल्यांकन कर 1,98,529 रुपये की अतिरिक्त राशि निकालने का प्रस्ताव तैयार कर दिया

लापरवाही और उदासीनता पर गिरी गाज

प्रशासन द्वारा उपयंत्री को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और समीक्षा बैठकों में समय-समय पर पर्याप्त अवसर दिए गए थे। अधिरोपित राशि जमा न करने और शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता बरतने पर 16 फरवरी 2026 को उन्हें 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया था। उपयंत्री द्वारा प्रस्तुत किया गया जवाब पूरी तरह असंतोषजनक और समाधानकारक नहीं पाया गया

इसके बाद, मध्य प्रदेश संविदा सेवा नियम 2023 और नवीन सेवा शर्त निर्देश-2025 के कड़े प्रावधानों के तहत जिला पंचायत सीईओ ने उनकी संविदा सेवा समाप्त करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया। 

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