कलेक्टर की सख्त चेतावनी: कुपोषण मिटाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, कम प्रगति पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्ति के दिए निर्देश

 


डिंडौरी: जिला मुख्यालय में शनिवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित जिला पोषण समिति की बैठक में विभागीय कार्यों की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई गई। समीक्षा के दौरान पोषण ट्रैकर के महत्वपूर्ण संकेतकों जैसे नवीन चिन्हांकन, हितग्राही प्रबंधन और पहचान पत्र निर्माण में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अख्तियार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने दायित्वों के निर्वहन में कोताही बरत रही हैं, उनकी सेवा समाप्ति के प्रस्ताव अविलंब प्रस्तुत किए जाएं।

बैठक में बच्चों की कम उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने पर्यवेक्षकों को नियमित मैदानी भ्रमण करने और सेक्टर मीटिंग्स के माध्यम से व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही केंद्रों में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। स्थानीय स्तर पर पहचान दस्तावेजों की समस्या को देखते हुए उन्होंने ई-गवर्नेंस सोसायटी को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर आधार और जन्म प्रमाण पत्र संबंधी लंबित प्रकरणों को तुरंत निराकृत करने के आदेश दिए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगली समीक्षा बैठक तक धरातल पर सुधार नजर आना चाहिए। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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