डिंडौरी: जिला मुख्यालय में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में योजनाओं की समीक्षा के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरी है. बैठक में 1 अप्रैल से 7 मई 2026 तक के कार्यों का लेखा-जोखा देखा गया, जिसमें एएनसी पंजीयन (गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण) की बेहद कम उपलब्धि मिलने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने चुरिया, सरई, बिछिया, जमगांव, सैलवार, बम्हनी, जाताडोंगरी, झगरहटा एवं बढ़ईगढ़ उप स्वास्थ्य केंद्रों की सीएचओ और एएनएम का 5 दिन का वेतन काटने के आदेश जारी कर दिए हैं.
समीक्षा के दौरान टीबी नोटिफिकेशन, स्क्रीनिंग और एक्स-रे की लक्ष्य से कम प्रगति पाए जाने पर जिला समन्वयक सहित एसटीएस और एसटीएलएस को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए. कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में बच्चों की कम भर्ती को लेकर भी नाराजगी जताई और इस कोताही के लिए अमरपुर व समनापुर के खंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) का वेतन रोकने के निर्देश दिए. इसके साथ ही पोर्टल पर डेटा एंट्री में पिछड़ने वाले सभी बीएमओ और बीपीएम को भी नोटिस थमाने के लिए कहा गया है.
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने दो टूक शब्दों में कहा कि विभागीय योजनाओं की शत-प्रतिशत ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित की जाए और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी विभागीय कार्यवाही की जाएगी. बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर एनएचएम के एम एंड ई अधिकारी को भी नोटिस जारी किया गया है. इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी, सिविल सर्जन डॉ. रमेश सिंह मरावी और स्वास्थ्य विभाग के सभी जिला व विकासखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे.
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