डिंडोरी जिले में आज का दिन प्रशासनिक सक्रियता, पर्यावरण संरक्षण के संकल्प और सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों के नाम रहा। माँ नर्मदा की स्वच्छता को लेकर जहाँ एक ओर जनआंदोलन की लहर दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर युवाओं के भविष्य और महिलाओं के स्वावलंबन के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई इन खबरों ने समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया है।
नर्मदा संरक्षण बना जनआंदोलन: स्वच्छता की ओर बढ़ते डिंडोरी के कदम
मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए डिंडोरी में चलाया जा रहा अभियान अब केवल सरकारी प्रयास न रहकर एक व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। 'जल गंगा संवर्धन अभियान' और 'मैया अभियान' के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले श्रमदान में समाज के हर वर्ग की सहभागिता देखने को मिल रही है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, व्यापारियों और स्वयंसेवी संगठनों ने घाटों पर पहुँचकर साफ-सफाई की। प्रशासन की इस निरंतर सक्रियता से घाटों की स्थिति में आशाजनक सुधार हुआ है। इसके साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे नदी में साबुन और डिटर्जेंट जैसे रसायनों का प्रयोग न करें, ताकि नर्मदा का जल अपनी निर्मलता बनाए रख सके।
उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा: किसानों की सुविधा पर प्रशासन का जोर
किसानों की उपज की सुचारू खरीदी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी श्री रामबाबू देवांगन ने निगवानी उपार्जन केंद्र का विस्तृत निरीक्षण किया। यहाँ गेहूं, मसूर और चना की खरीदी के लिए बारदानों की उपलब्धता और तौल के लिए कांटों की व्यवस्था की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान पेयजल और छाया जैसी मूलभूत सुविधाएं संतोषजनक पाई गईं, हालांकि प्राथमिक उपचार किट की अनुपलब्धता पर नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल व्यवस्था के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल गुणवत्तापूर्ण उपज ही खरीदी जाए और किसानों को केंद्र पर किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा: कैमरों से हुई सीधी निगरानी
डिंडोरी जिले के तीन प्रमुख केंद्रों पर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा 2026 सफलतापूर्वक आयोजित की गई। कलेक्टर के निर्देशन में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इस बार की परीक्षा की खास बात यह रही कि परीक्षा केंद्रों की सीधी निगरानी इंदौर से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही थी। दो सत्रों में आयोजित इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों पर स्वास्थ्य दल, पुलिस बल और उड़नदस्ता दलों की निरंतर मौजूदगी रही, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और अनुशासित तरीके से संपन्न हुई। संभागीय और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की पुष्टि की।
महिलाओं के लिए स्वरोजगार की नई राह: सेंट आरसेटी में शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सेंट आरसेटी डिंडोरी ने एक सराहनीय पहल की है। आगामी 4 मई से महिलाओं के लिए सिलाई और ब्यूटी पार्लर का 30 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक कौशल सिखाकर उन्हें खुद का व्यवसाय शुरू करने के काबिल बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान न केवल व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, बल्कि कोर्स पूरा होने के बाद स्वरोजगार स्थापित करने हेतु बैंक ऋण प्राप्त करने में भी विभाग द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह पहल जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
प्राकृतिक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव: जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने किया गौ-सेवा केंद्र का भ्रमण
जैविक और प्राकृतिक खेती के महत्व को समझने के लिए जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने ढोंढ़ा स्थित नर्मदांचल गौ सेवा समिति का भ्रमण किया। जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू द्वारा संचालित इस केंद्र में अधिकारियों ने जीवामृत, वर्मीवाश और बायोडाइजेस्टर यूनिट जैसी जैविक आदान प्रणालियों का अवलोकन किया। श्री साहू ने अधिकारियों को बताया कि जिस प्रकार जंगल के पेड़ों को बाहरी खाद की आवश्यकता नहीं होती, उसी प्रकार प्राकृतिक सिद्धांतों को अपनाकर खेती की लागत कम की जा सकती है और मिट्टी की उर्वरता बचाई जा सकती है। अधिकारियों ने यहाँ उगाई जा रही रासायनिक मुक्त फसलों और प्रयोगशाला की तकनीकों की सराहना की।
आदि शंकराचार्य प्राकट्योत्सव पर गूंजे सनातन संस्कृति के स्वर
जन अभियान परिषद के तत्वावधान में आदि शंकराचार्य जी के प्राकट्योत्सव के अवसर पर जिला स्तरीय भव्य व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। शासकीय चंद्र विजय महाविद्यालय में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में विद्वानों ने शंकराचार्य जी के अद्वैत वेदांत दर्शन और उनके द्वारा राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, छुआछूत के विरोध और पर्यावरण संरक्षण को आज के समय की महती आवश्यकता बताया। कार्यक्रम में जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया और सामूहिक नर्मदाष्टक पाठ के साथ आयोजन का भक्तिमय समापन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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