मध्यप्रदेश में विकास की गति: मुख्यमंत्री ने बढ़ाई गेहूं खरीदी की तारीख, डिंडौरी जिले ने जल संरक्षण में रचा इतिहास

 मुख्यमंत्री की वीसी में महत्वपूर्ण निर्णय और समीक्षा

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 अप्रैल की शाम को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में गेहूं, चना और मसूर उपार्जन की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान किसानों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल से बढ़ाकर अब 9 मई 2026 कर दिया है ताकि किसान अपनी उपज को सुगमता से बेच सकें। मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत देश भर में डिंडौरी जिले को प्रथम स्थान प्राप्त होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए जिले के अधिकारियों को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा, वन, खाद्य और कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक समय पर पहुँचना सुनिश्चित किया जाए। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।


लोक सेवा आयोग की परीक्षा के लिए डिंडौरी में चाक-चौबंद व्यवस्था

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर डिंडौरी जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और जिले के तीन केंद्रों पर कुल 1033 अभ्यर्थी शामिल होंगे। संभागीय नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने उत्कृष्ट विद्यालय, एकलव्य विद्यालय और पॉलीटेक्निक कॉलेज का निरीक्षण कर सुरक्षा और बैठक व्यवस्था का जायजा लिया। जिला परीक्षा प्रभारी श्री वैधनाथ वासनिक ने जानकारी दी कि परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी और इस बार सुरक्षा के लिहाज से त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया अपनाई गई है जिसमें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और एचएचएमडी से तलाशी शामिल है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर 90 मिनट पहले पहुंचना होगा और मोबाइल, घड़ी या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

बजाग ब्लॉक में संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए साझा मंच मॉडल की शुरुआत

आकांक्षी विकासखंड बजाग के वनांचल क्षेत्रों में घरेलू प्रसव की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन ने 'केयर कैंपेनिंग प्रोग्राम' के तहत एक अभिनव पहल की है। विशेषज्ञों की टीम ने पाया कि मोबाइल नेटवर्क और सुगम रास्तों के बावजूद जागरूकता की कमी के कारण बैगा आदिवासी परिवारों में होम डिलीवरी का चलन बना हुआ है। इसके समाधान के लिए अब एक ऐसा मॉडल तैयार किया गया है जिसमें केवल महिलाओं को ही नहीं, बल्कि परिवार के मुखिया पुरुषों को भी शामिल कर स्वास्थ्य शिक्षा दी जाएगी। विभाग अब विभिन्न सरकारी योजनाओं के आपसी समन्वय से ग्राम पंचायत स्तर पर साझा मंच तैयार कर रहा है जिससे कम उम्र में गर्भधारण जैसी समस्याओं को रोका जा सके और सुरक्षित प्रसव के आंकड़ों में सुधार लाया जा सके।

जेल में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में जिला जेल डिंडौरी में बंदियों के लिए विशेष टीबी स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। 100 डेज टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में आधुनिक डिजिटल एक्सरे मशीनों और बलगम जांच के माध्यम से बंदियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बंदियों को टीबी के लक्षणों और पोषण सहायता के बारे में जागरूक किया ताकि जेल जैसे संवेदनशील स्थानों पर संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। चिन्हित मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत निःशुल्क दवाएं और आर्थिक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

एकलव्य विद्यालयों के प्रबंधन पर कलेक्टर का सख्त रुख

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की समीक्षा बैठक के दौरान वित्तीय अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने वाले प्राचार्यों के खिलाफ सख्त तेवर दिखाए हैं। बैठक में बिना अनुमति के खर्च करने और पुरानी गतिविधियों की जानकारी साझा न करने पर जिले के सभी एकलव्य प्राचार्यों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से शहपुरा प्राचार्य के बिना सूचना अवकाश पर जाने और बैठक में अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जाहिर की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी विद्यालयों के विकास कार्य और बजट का उपयोग समिति के अनुमोदन के बाद ही किया जाए और शैक्षणिक सत्र में छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। बैठक में अपर कलेक्टर और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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