जिले के शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम डोम दादर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ प्राथमिक शाला के बच्चों का मध्याह्न भोजन रसोई घर के बजाय शौचालय भवन में पकाया जा रहा था। शनिवार को इस अव्यवस्था की शिकायत मिलने पर शहपुरा परियोजना अधिकारी विपिन डहेरिया और बीआरसी गुरु प्रसाद साहू मौके पर जांच करने पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद शौचालय में चल रहे किचन शेड को तत्काल स्कूल परिसर के अतिरिक्त भवन में शिफ्ट कराया।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में प्रशासन को बताया था कि स्कूल के बच्चों का भोजन स्व-सहायता समूह द्वारा शौचालय भवन के भीतर पकाया जा रहा है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि यह सिलसिला पिछले दिसंबर महीने से लगातार जारी था। हैरानी की बात यह है कि प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक माधो सिंह परस्ते और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुभद्रा ने इस गंभीर लापरवाही की जानकारी विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को देना जरूरी नहीं समझा।
निरीक्षण के दौरान बीआरसी गुरु प्रसाद साहू और परियोजना अधिकारी विपिन डहेरिया ने बताया कि ग्राम पंचायत ने आंगनबाड़ी केंद्र भवन से सटाकर एक स्वच्छता परिसर का निर्माण करवाया था। स्कूल का पुराना किचन शेड तीन साल पहले ही जर्जर हो चुका था, जिसके बाद शिक्षण सत्र 2025-26 में मध्याह्न भोजन एक प्राइवेट मकान में पकाया जा रहा था। लेकिन नवंबर 2025 में वहां से दो गैस सिलेंडर चोरी हो गए। इस घटना के बाद ग्राम पंचायत सरपंच मनोज कुमार मार्को और सचिव बलराम सैयाम ने दिसंबर महीने में रसोइयों को स्वच्छता परिसर के कमरे में 'किचन शेड' लिखकर भोजन पकाने के निर्देश दे दिए। तब से लेकर अब तक उसी स्थान पर बच्चों का भोजन तैयार किया जा रहा था।
जांच में यह भी पाया गया कि करीब चार साल पहले आंगनबाड़ी केंद्र से सटाकर जो स्वच्छता परिसर बनाया गया था, वह आज भी अधूरा पड़ा है। निरीक्षण के समय सरपंच मनोज कुमार मार्को और सचिव बलराम सिंह सैयाम मौके पर उपस्थित नहीं मिले। वहीं ग्राम रोजगार सहायक (GRS) रूप सिंह ने अधिकारियों को बताया कि सरपंच ने ही स्वच्छता परिसर के कमरे में प्लास्टर करवाकर मध्याह्न भोजन पकाने के लिए जगह दी थी और बीच में एक दीवार खड़ी कर दी गई थी।
इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए बीआरसी गुरु प्रसाद साहू ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शाला में कुल 30 बच्चे दर्ज हैं और उनकी सेहत के साथ इस तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक माधो सिंह परस्ते और जनशिक्षक सुरेश परस्ते को अपनी जिम्मेदारी का सही तरीके से निर्वहन न करने और वरिष्ठ कार्यालय को सूचना न देने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। फिलहाल मध्याह्न भोजन के संचालन के लिए प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है।
रिपोर्ट: अभिलाष शुक्ला सत्य प्रहार न्यूज़
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