जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन अब सख्त रुख अपना रहा है। हाल के दिनों में कलेक्टर द्वारा किए गए औचक निरीक्षणों का व्यापक असर अब धरातल पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले 7 डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार (28 मार्च 2026) को सुबह जब ओपीडी (OPD) का समय था, तब निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई डॉक्टर अपनी ड्यूटी से नदारद थे। सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे के महत्वपूर्ण समय में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण दूर-दराज से आए मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
इन डॉक्टरों को जारी हुआ नोटिस
CMHO डॉ. मनोज पाण्डेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निम्नलिखित डॉक्टरों से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है:
डॉ. अजय राज,डॉ. धनराज सिंह,डॉ. दिलीप रंगारे,डॉ. मिनी मोर्वी,डॉ. कमलेश राज,डॉ. कन्हैया बघेल, डॉ. अमित जैन
प्रशासन की सख्त चेतावनी
नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि डॉक्टरों की इस अनुपस्थिति से अस्पताल की सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। यदि निर्धारित 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधितों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर की सक्रियता से हड़कंप
विगत कुछ दिनों से कलेक्टर महोदया द्वारा जिले के विभिन्न सरकारी विभागों और स्वास्थ्य केंद्रों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। प्रशासनिक गलियारों में इसे उसी सख्ती के परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है। कलेक्टर के इन दौरों ने लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है, जिससे अब व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जागी है।
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