डिंडौरी: मंगलवार को पूर्व मंत्री व विधायक ओमकार मरकाम के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्रामीण अपनी गंभीर और बुनियादी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां विधायक ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद जनता के सामने कहा कि डिंडौरी का गरीब किसान और दिहाड़ी मजदूर हर बुनियादी चीज के लिए तरस रहा है और सरकार आंखें मूंदकर बैठी है।
इसके बाद उन्होंने जिला कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया से मुलाकात कर संवेदनशील मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
विधायक ने कलेक्टर को बताया कि स्थानीय सब्जी मंडी में गरीब मछुआरों को मछली बेचने से पूरी तरह मना कर दिया गया है, जबकि वे कोई बड़े व्यापारी नहीं हैं और सिर्फ अपनी दैनिक आजीविका चलाने के लिए नदी-तालाबों से थोड़ी सी मछली लाते हैं, इसलिए प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें वहां सम्मान से अपनी दुकान लगाने की अनुमति देनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने एक अत्यंत दुखद मामले को उठाते हुए कहा कि एक बेबस महिला, जिसके पति की कुएं में डूबने से असमय मौत हो गई थी, वह प्रशासनिक दफ्तरों में मुआवजे के लिए दर-दर भटक रही है लेकिन उसे अब तक कोई सरकारी मदद या आर्थिक राहत नहीं मिल पाई है।
वहीं दूसरी ओर, जिले में खेती-किसानी के इस मुख्य और बेहद महत्वपूर्ण समय पर किसानों को न तो समय पर डीजल मिल पा रहा है और न ही सोसायटियों में खाद उपलब्ध हो पा रही है, जिससे अन्नदाता परेशान है।
इसके अलावा विधायक ने ग्रामीण अंचल की विकट जल समस्या को सामने रखते हुए बताया कि वर्ष 2024 में जल जीवन मिशन के तहत बजाग जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत घोपतपुर के पोषक ग्राम सुमरटोला के करीब 80 घरों में पाइपलाइन बिछाई गई थी, जिससे लोगों को पानी मिल रहा था, लेकिन शहडोल-पंडरिया राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान गैर-जिम्मेदार ठेकेदार कंपनी ने उस पूरी पाइपलाइन को उखाड़कर फेंक दिया। इसके कारण नवंबर 2025 से भीषण गर्मी के इस मौसम में ग्रामीण और मवेशी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि इस क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को जल्द से जल्द दोबारा चालू नहीं किया गया, तो वे चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
विधायक ओमकार मरकाम की इन तमाम गंभीर शिकायतों और बातों को जिला कलेक्टर ने सुन तो लिया है, लेकिन अब देखना यह होगा कि इस पर कोई वास्तविक धरातलीय कार्रवाई होती है??
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