डिंडौरी। जिले के बजाग विकासखंड के नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों ने तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बावजूद 100 प्रतिशत वेतन और लंबित मकान किराया भत्ता (एचआरए) का भुगतान न होने पर गहरा आक्रोश जताया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय पहुंचकर बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार जाटव को एक ज्ञापन सौंपा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की। प्राथमिक शिक्षक राकेश नारनोरे ने बताया कि वर्ष 2023 में नियुक्ति के बाद नियमानुसार उन्हें परिवीक्षा अवधि के दौरान क्रमशः 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन दिया गया। शासन के प्रावधानों के तहत अप्रैल 2026 में उनकी तीन साल की परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, जिसके बाद उन्हें पूरा 100 प्रतिशत वेतन मिलना चाहिए, लेकिन विभाग द्वारा वर्तमान में भी उन्हें महज 90 प्रतिशत वेतन का ही भुगतान किया जा रहा है।
शिक्षकों ने अधिकारियों को अवगत कराया कि जिले के अन्य विकासखंडों में अप्रैल 2026 से ही नवनियुक्त शिक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन का लाभ दिया जा रहा है, जबकि केवल बजाग विकासखंड के शिक्षकों को ही इससे वंचित रखा गया है, जिससे उनके बीच असंतोष लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा ज्ञापन में वित्तीय वर्ष 2024-25 के जून और जुलाई 2024 तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अक्टूबर-नवंबर 2025 और फरवरी 2026 के लंबित मकान किराया भत्ता (एचआरए) के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षकों का कहना है कि इस संबंध में वे पहले भी कई बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब तक भुगतान नहीं हो सका है। पीड़ित शिक्षकों ने मांग की है कि शासन के स्पष्ट निर्देशानुसार प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, अप्रैल 2026 से 100 प्रतिशत वेतन की व्यवस्था लागू हो और एरियर व लंबित एचआरए की राशि जल्द से जल्द उनके खातों में डाली जाए। इस पूरे मामले पर तत्परता दिखाते हुए सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार जाटव ने बजाग के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अमोल मरावी से तत्काल फोन पर चर्चा की और इस गंभीर समस्या का निराकरण जल्द से जल्द करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
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