डिंडोरी जिला मुख्यालय नगर परिषद के सफाई कर्मचारी आज गुरुवार को सुबह काम बंद कर धरने पर बैठ गए ।
नगर के सफाई कर्मचारियों ने अपना नियमित पारिश्रमिक (मानदेय) न मिलने के विरोध में सफाई कार्य पूरी तरह स्थगित कर दिया है। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर नगर पालिका परिसर में धरने पर बैठ गए , इस प्रदर्शन को वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी समर्थन मिला है, जिन्होंने इसके लिए नपा प्रबंधन को उत्तरदायी ठहराया है।
यह पूरा घटनाक्रम गुरुवार की सुबह से शुरू हुआ, जब कर्मचारी काम पर जाने के बजाय नपा कार्यालय के सामने एकत्र हो गए। यह समस्या तब और गंभीर हो गई जब 2 जून को तत्कालीन सीएमओ का स्थानांतरण हुआ और आगामी 15 जून से नए स्कूल सत्र की शुरुआत होने वाली है, जिससे कर्मचारियों की चिंताएं बढ़ गईं।
सफाईकर्मी मनोज बख्शी के अनुसार, पिछले तीन महीनों से मानदेय नहीं मिला है। इसके कारण स्थानीय दुकानदारों ने राशन देना बंद कर दिया है, होम लोन और वाहन लोन की किस्तें बाउंस होने से बैंकों से नोटिस आ रहे हैं, और बच्चों की स्कूल फीस व किताबों के लिए पैसे नहीं हैं।
पार्षद का आरोप है कि तत्कालीन सीएमओ अमित तिवारी के ट्रांसफर के बाद उन्हें आनन-फानन में रिलीव कर दिया गया, जिससे कर्मचारियों के भुगतान से जुड़ी फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं हो सके।
वही देखा जाए तो वर्तमान प्रभारी सीएमओ आशीष कोरी के पास अभी सीमित वित्तीय अधिकार हैं, और नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नए स्थाई सीएमओ की नियुक्ति होना अभी बाकी है, प्रभारी सीएमओ लगातार कर्मचारियों को समझाइश देकर काम पर लौटने का आग्रह कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विभाग के पास बजट (फंड) की कोई कमी नहीं है। इस तकनीकी और प्रशासनिक समस्या के समाधान के लिए जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया से उच्च स्तरीय चर्चा हो चुकी है, और जल्द ही वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर कर्मचारियों को राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।

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