राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो सोमवार को डिंडोरी जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहे, जहां उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा करने के साथ ही प्रेस वार्ता में धर्मांतरण जैसे गंभीर विषय पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आम लोगों को दवाई, पढ़ाई और कमाई के बेहतर साधन उपलब्ध करा दिए जाएं, तो धर्मांतरण की गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है।
अपने इस दौरे के दौरान आयोग के सदस्य सबसे पहले बजाग जनपद के सिलपिंडी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने धन-धान्य योजना की ब्रांड एंबेसडर लहरी बाई से मुलाकात की। उन्होंने लहरी बाई के मिलेट्स बैंक में संरक्षित पारंपरिक बीजों को देखा और उनके माता-पिता से भी चर्चा की। इस दौरान जब लहरी बाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने की समस्या उनके सामने रखी, तो प्रियांक कानूनगो ने तत्काल संबंधित सचिव को बुलाकर आईडी अलग करने के निर्देश दिए और जल्द से जल्द उन्हें पीएम आवास दिलाने का भरोसा दिया।
इसके बाद कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने स्कूलों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और स्कॉलरशिप के वितरण की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग की पंखिनी योजना और बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों की भी समीक्षा की।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए आयोग के सदस्य ने मध्य प्रदेश में लागू 'पेसा एक्ट' (PESA Act) के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह कानून आदिवासी और वनवासी क्षेत्रों की संस्कृति, सभ्यता तथा परंपराओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है, बशर्ते इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा इस कानून की सराहना किए जाने का भी उल्लेख किया। धर्मांतरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि निचले स्तर पर कुछ मिशनरी तत्व प्रशासनिक मिलीभगत से काम कर रहे हैं और पैसा देकर धर्मांतरण कराना एक दोहरा पाप है। उन्होंने याद दिलाया कि पेसा एक्ट के तहत ग्राम सभाओं को यह अधिकार है कि यदि गांव में 'होम चर्च' या धर्मांतरण जैसी कोई संदिग्ध गतिविधि चलती है, तो वे इसके खिलाफ प्रस्ताव बनाकर जिला व पुलिस प्रशासन को सौंपें, जिस पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में 75 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनने पर संतोष जताते हुए उन्होंने दोहराया कि बुनियादी सुविधाएं मिलने से ऐसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर रोक लगेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रियांक कानूनगो ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए एक बड़ा आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वेरियर एल्विन ने इसी डिंडोरी क्षेत्र में रहकर उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) भारत तक धर्मांतरण की जड़ें फैलाई थीं। उन्होंने दावा किया कि वह व्यक्ति देश के पहले प्रधानमंत्री का मित्र था और बच्चों के शोषण जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था, जिसके अनुयायी आज भी स्कूल चलाने की आड़ में बच्चों के साथ गलत काम कर रहे हैं। इस पूरे दौरे के माध्यम से आयोग के सदस्य ने जिले में प्रशासनिक कसावट लाने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने का कड़ा संदेश दिया है
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