डिंडौरी। प्रशासनिक सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए डिंडौरी तहसीलदार शशांक शेंडे ने सोमवार को एक संभावित बड़े हादसे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्षेत्र भ्रमण के दौरान तहसीलदार की नजर अचानक एक विद्युत ट्रांसफॉर्मर से उठते हुए तेज धुएं पर पड़ी, जिसके बाद स्थिति की गंभीरता और खतरे को भांपते हुए उन्होंने बिना वक्त गंवाए मौके से ही विद्युत विभाग के आला अधिकारियों को पूरे मामले की सूचना दी।
तहसीलदार शशांक शेंडे ने न केवल विभाग को अलर्ट किया, बल्कि बिजली कंपनी की तकनीकी टीम के मौके पर पहुंचने तक वे खुद ग्राउंड जीरो पर डटे रहे और लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी। उनकी इस तत्परता के कारण समय रहते सुधार कार्य शुरू हो सका और घनी आबादी वाले क्षेत्र में किसी भी संभावित बड़ी दुर्घटना व जनहानि की आशंका को पूरी तरह से टाल दिया गया।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विद्युत विभाग की टीम ने जब ट्रांसफॉर्मर की बारीकी से जांच की, तो उसमें गंभीर तकनीकी खराबी पाई गई। विभागीय तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, अगर सही समय पर बिजली बंद कर मरम्मत शुरू न की जाती, तो ट्रांसफॉर्मर में भयंकर विस्फोट हो सकता था। समय पर की गई इस प्रशासनिक कार्रवाई से न केवल आसपास के रहवासियों की जान बची, बल्कि एक बड़े संपत्ति के नुकसान को भी रोक लिया गया। तहसीलदार की इस सजगता, कर्तव्यनिष्ठा और आमजन की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता की स्थानीय नागरिकों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है, जो प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही का एक प्रेरक उदाहरण है।
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