बैंक से स्वरोजगार लोन दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से मोटी रकम वसूलने और महीनों चक्कर कटवाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। ठगी के शिकार परेशान ग्रामीणों ने शनिवार को कथित दलाल को रंगे हाथों पकड़ा और सीधे सिटी कोतवाली ले आए। पीड़ितों की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मामले को जांच में लिया है, वहीं आरोपी ने पुलिस के सामने पैसे लेने की बात कबूल करते हुए आगामी 20 जून तक पूरी राशि लौटाने का लिखित वादा किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायणडीह निवासी राजकुमार, तुलाराम, गुलाब लाल, संतोष लाल और सूरज कुमार सहित कई ग्रामीणों ने शनिवार को कोतवाली पुलिस को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि राजेंद्र प्रसाद नामक व्यक्ति पिछले कई महीनों से क्षेत्र के गांवों में सक्रिय था। वह सीधे-साधे ग्रामीणों को खुद को बैंक का जानकार बताकर किराना दुकान, आटा चक्की जैसे विभिन्न स्वरोजगार कार्यों के लिए सरकारी योजनाओं के तहत ऋण स्वीकृत कराने का झांसा देता था। पीड़ित राजकुमार के मुताबिक, बीते फरवरी माह में आरोपी राजेंद्र ने उसे आटा चक्की के लिए बैंक लोन दिलाने का भरोसा दिया और फाइल व अन्य दस्तावेज तैयार करने के नाम पर 12 हजार रुपए नकद ऐंठ लिए। आरोपी ने दावा किया था कि महज एक सप्ताह के भीतर लोन की राशि स्वीकृत हो जाएगी।
कर्ज लेकर दलाल को दी थी रकम पीड़ितों ने बताया कि एक हफ्ता तो दूर, कई महीने बीत जाने के बाद भी जब उन्हें बैंक से कोई लोन नहीं मिला, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। जब ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पड़ताल की तो पता चला कि गांव के ही चार-पांच अन्य जरूरतमंदों से भी राजेंद्र ने इसी तरह लोन के नाम पर हजारों रुपए वसूल रखे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई पीड़ितों ने तो खुद दूसरों से कर्ज लेकर दलाल राजेंद्र की जेब भरी थी ताकि उन्हें रोजगार मिल सके। लगातार चक्कर काटने और टालमटोल से तंग आकर आखिरकार शनिवार को सभी पीड़ित एकजुट हुए और आरोपी को पकड़कर सीधे थाने ले आए।
थाने में कबूला गुनाह, 20 तक मोहलत इधर, ग्रामीणों द्वारा कोतवाली लाए जाने के बाद आरोपी राजेंद्र प्रसाद के हौसले पस्त नजर आए। पुलिस की मौजूदगी में उसने तीन ग्रामीणों से लोन दिलाने के नाम पर अवैध रूप से पैसे लेने की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की। आरोपी ने माना कि उसके पास ग्रामीणों के करीब 28 हजार रुपए बाकी हैं। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस और पीड़ितों के समक्ष आगामी 20 जून तक हर हाल में पूरी रकम वापस करने का लिखित आश्वासन दिया है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि पीड़ितों की शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, निर्धारित समय पर राशि न लौटने पर नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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