डिंडोरी। अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर डिंडोरी जिला मुख्यालय के भवानी चौक स्थित वार्ड क्रमांक-02 के आंगनबाड़ी केंद्र में नशामुक्ति भारत अभियान के तहत एक विशाल जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पूरा अभियान कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री माधुरी रजक के कुशल मार्गदर्शन में सामाजिक न्याय तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया। कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं, बालिकाओं और विभागीय स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज को नशामुक्त बनाने का एक सशक्त संदेश दिया।
अभियान के दौरान वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक ने उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्थानीय महिलाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा न केवल किसी व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को पूरी तरह बर्बाद करता है, बल्कि इससे पूरा परिवार और समाज भी बुरी तरह प्रभावित होता है। उन्होंने उपस्थित सभी जनों से नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय और जिम्मेदारीपूर्ण भागीदारी निभाने की भावुक अपील की ताकि एक स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सके।
जागरूकता के इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए वन स्टॉप सेंटर स्टाफ, शिवनिल नशा मुक्ति केंद्र और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से एक विशेष हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें सभी ने नशामुक्त समाज के समर्थन में अपने हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से एक रैली भी निकाली गई, जिसमें महिलाओं और बालिकाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर गगनभेदी नारों के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को जीवन में कभी नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति सचेत करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस अभियान को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल बताया है।
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