डिण्डौरी जिले में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती शशिकान्ता वैश्य के कुशल मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का गरिमामय आयोजन किया गया, जिसमें आपसी सामंजस्य और सुलह की भावना से सैकड़ों मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ । सरस्वती पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया सहित अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डाला और लोगों को राजीनामे के लिए प्रोत्साहित किया ।
इस लोक अदालत की सबसे सुखद तस्वीर पारिवारिक विवादों के समाधान में देखने को मिली, जहाँ कुटुम्ब न्यायालय के विशेष प्रयासों से तीन टूटे हुए परिवार फिर से एक हो गए । कई समय से चल रहे भरण-पोषण और आपसी विवाद के मामलों में पति-पत्नी ने गिले-शिकवे भुलाकर एक साथ रहने का संकल्प लिया और अपने बच्चों के भविष्य के लिए राजी-खुशी घर लौटे । इसके साथ ही, जेल में निरुद्ध आरोपियों के मामलों में भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समझाइश दी गई, जिससे फरियादी को उनकी राशि वापस मिली और आरोपियों की रिहाई संभव हो सकी ।
न्यायालयीन आंकड़ों की दृष्टि से भी यह आयोजन अत्यंत सफल रहा, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के कुल 172 लंबित प्रकरणों का निपटारा किया गया और लगभग 16,19,362 रुपये के अवार्ड पारित किए गए । प्रिलिटिगेशन स्तर पर भी 142 प्रकरण सुलझाए गए, जिनसे विभिन्न विभागों को 12,89,811 रुपये की राशि प्राप्त हुई । इस सफलता में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, पुलिस प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण निर्मित हुआ
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