डिंडोरी: डिंडोरी जिले में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत जल संरक्षण की दिशा में किया जा रहा प्रयास अब केवल एक सरकारी अभियान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि व्यापक जन-भागीदारी और प्रशासनिक तालमेल के चलते यह अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इस विशेष अभियान के तहत चलाए जा रहे जल संवर्धन कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम धरातल पर साफ दिखने लगे हैं। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के कुशल मार्गदर्शन में जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों और मैदानी अमले ने मिलकर इस अभियान को एक नई ऊंचाई दी है।
टीम डिंडोरी का उत्कृष्ट समन्वय: हर विभाग का सराहनीय योगदान
'जल गंगा संवर्धन अभियान' की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि जिले के सभी विभागों ने एक इकाई के रूप में काम किया है। कलेक्टर के नेतृत्व में 'टीम डिंडोरी' के अधिकारियों की सक्रियता से हर स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता और गति सुनिश्चित की गई:
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और उनकी पूरी टीम के नेतृत्व में जनपद, ग्राम पंचायतों और रोजगार सहायकों ने ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाया। मनरेगा के माध्यम से रिकॉर्ड समय में जल संरचनाओं का निर्माण और ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने का दोहरा कार्य इस विभाग ने बखूबी किया।
राजस्व विभाग: जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (SDM), तहसीलदार और पटवारियों की टीम ने जल स्रोतों के लिए जगह चिन्हित करने में त्वरित और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जल संसाधन एवं पीएचई (PHE) विभाग: तकनीकी विभागों के कार्यपालन यंत्रियों (EE) और इंजीनियरों की टीम ने जल संरचनाओं के तकनीकी पक्ष, डिजाइन और भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) की सटीक योजना तैयार की, जिससे पानी को लंबे समय तक सहेजा जा सके।
कृषि एवं उद्यानिकी विभाग: इन विभागों के अधिकारियों ने जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों को कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली फसलों और 'मटका आधारित टपक पद्धति' जैसे नवाचारों को अपनाने के लिए मैदानी स्तर पर लगातार प्रेरित किया।
महिला एवं बाल विकास और शिक्षा विभाग: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्कूली शिक्षकों की टीम ने ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के बीच जल संचय और नदियों व जलस्रोतों के संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया, जिससे यह अभियान हर घर का हिस्सा बन सका।
लाखों जल संरचनाओं का हुआ निर्माण
जल शक्ति मंत्रालय की प्राथमिकताओं और 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के लक्ष्यों के अनुरूप, डिंडोरी जिले में सभी विभागों के आपसी समन्वय से बड़े पैमाने पर जल संवर्धन के कार्य किए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, अब तक जिले में लगभग 2 लाख 82 हजार जल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। इन समन्वित और भगीरथ प्रयासों की बदौलत ही डिंडोरी जिला लगातार जल प्रबंधन और संरक्षण की रैंकिंग में शीर्ष स्थानों पर अपनी जगह बनाए हुए है।
आदिवासियों और स्थानीय समुदाय को मिला अधिकारियों का साथ
इस अभियान में जिले के बैगा आदिवासी समुदाय सहित आम जनता को प्रशासनिक अधिकारियों का भरपूर सहयोग और मार्गदर्शन मिला। जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक के अधिकारियों ने स्वयं फील्ड में उतरकर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाबों, नदियों और घाटों की साफ-सफाई व गहरीकरण के लिए ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया। प्रशासनिक टीम के इस सतत प्रोत्साहन से ग्रामीण अब जल संचय के महत्व को लेकर पूरी तरह जागरूक हो चुके हैं और श्रमदान से लेकर जल संरचनाओं की देखरेख में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
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