डिंडौरी। जिले की शैक्षणिक व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के कुशल निर्देशन में हाल ही में जिला शिक्षा केंद्र और सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें जिले को बड़ी सौगातें मिलने की जानकारी सामने आई है।
बैठक के दौरान जिला परियोजना समन्वयक (DPC) श्वेता अग्रवाल ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य शासन द्वारा जिले के लिए 37 नवीन स्कूल भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें 09 नवीन प्राथमिक विद्यालय भवन और 28 अन्य प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त भवन निर्माण शामिल हैं। इन सभी महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES), डिण्डौरी को निर्माण एजेंसी के रूप में सौंपी गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और सुविधाओं पर जोर देते हुए बैठक में शौचालयों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। रिपोर्ट के अनुसार, जिले में नवीन बालिका शौचालयों के लिए स्वीकृत 174 कार्यों में से 140 का काम पूरा हो चुका है, जबकि 36 शौचालयों की मरम्मत का कार्य शत-प्रतिशत संपन्न कर लिया गया है। शेष बचे 34 शौचालयों के निर्माण को लेकर कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगले 07 दिनों के भीतर सभी निर्माणाधीन शौचालयों का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए ताकि छात्राओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासन के इस सक्रिय कदम से जिले की शैक्षणिक अधोसंरचना में सुधार की नई उम्मीद जगी है, जिससे आने वाले समय में छात्र-छात्राओं को आधुनिक और सुविधायुक्त स्कूल भवन प्राप्त हो सकेंगे।

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