डिंडौरी। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली कृषि सामग्री उपलब्ध कराने और नकली व अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी सिलसिले में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के कड़े निर्देशन में कृषि विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग ने विक्रमपुर कस्बे के मुख्य मार्ग पर बिना किसी वैध व्यावसायिक लाइसेंस के अवैध रूप से संचालित हो रहे 'चौकसे बीज भंडार' को पूरी तरह से सील कर दिया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अनियमित खाद-बीज विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत बीते 11 जून को हुई थी, जब कृषि विभाग के जिला स्तरीय निगरानी दल ने चौकसे बीज भंडार पर औचक छापा मारा था। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि दुकान संचालक बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से कीटनाशक और उर्वरकों की बिक्री कर रही थीं। मौके पर तत्काल एक्शन लेते हुए विभागीय टीम ने करीब 26 हजार रुपये मूल्य की अवैध कृषि सामग्री ज़ब्त की थी, जिसमें 69.6 किलोग्राम फर्टिलाइजर, 3.05 लीटर लिक्विड कीटनाशक और 9.92 किलोग्राम पाउडर फॉर्म का कीटनाशक शामिल था। नियमानुसार इस पूरी ज़ब्तशुदा सामग्री को आगामी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित दुकानदार की सुपुर्दगी में ही सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए थे।
मामले में नया मोड़ तब आया जब जांच टीम को पता चला कि दुकान संचालक सुमन चौकसे ने प्रशासनिक आदेशों को ताक पर रखकर उस ज़ब्त सामग्री का स्वयं ही उपयोग कर लिया। उप संचालक कृषि श्री संजय दोशी के मार्गदर्शन में तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व सहायक संचालक कृषि डॉ. नेहा धूरिया और क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर श्रीमती अर्चना गोहिया ने किया। इस विभागीय दल ने तत्काल विक्रमपुर पहुंचकर चौकसे बीज भंडार को पूरी तरह सील बंद कर दिया।
कृषि विभाग ने नियम विरुद्ध कार्य करने और आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में संबंधित विक्रेता का व्यावसायिक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इस पूरे मामले को लेकर विक्रेता के खिलाफ विक्रमपुर थाने में एक लिखित आवेदन भी देने की जानकारी दी गई है। उप संचालक कृषि श्री संजय दोशी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसानों के हक और उनके हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में भी ऐसी औचक जांच और दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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