डिंडौरी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार की गौरवशाली पहल को डिंडौरी जिला प्रशासन ने पूरी शिद्दत से धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा कल किए गए भावुक आह्वान और कड़े निर्देशों का असर आज जिले की सड़कों पर साफ दिखाई दिया, जब कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पद और रसूख की चमक छोड़कर सादगी के साथ वैकल्पिक वाहनों को अपनाया।
मुख्यमंत्री की 'ग्रीन एमपी' की अवधारणा को साकार करने की इस कड़ी में आज अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव खुद साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचे, जिसे देख हर कोई दंग रह गया। वहीं एसडीएम डिंडोरी श्री रामबाबू देवांगन ने भी पेट्रोल-डीजल की बचत का संदेश देते हुए इलेक्ट्रिक स्कूटी से दफ्तर आकर इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने कल ही जिले के समस्त विभाग प्रमुखों और आम नागरिकों से अपील की थी कि ऊर्जा की बचत केवल सरकारी निर्देश नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्ज है। इसी अपील का सम्मान करते हुए प्रशासनिक अमला अब 'वाहन साझा प्रणाली' और 'ई-ऑफिस' जैसे नवाचारों को जीवन में उतार रहा है। कलेक्टर ने इस बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि माननीय प्रधान मंत्री, मुख्यमंत्री जी की पहल पर जिला प्रशासन अब कम दूरी के कार्यों के लिए पैदल या साइकिल को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने जनता से भी पुरजोर अपील की है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों का त्याग कर पर्यावरण मित्र साधनों का उपयोग करें। प्रशासन की इस सक्रियता और अधिकारियों के इस बदले स्वरूप ने डिंडौरी में एक सकारात्मक चर्चा छेड़ दी है, जिससे आने वाले दिनों में ईंधन दक्षता और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में बड़े बदलाव की उम्मीद जागी है।

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