प्रशांत धवलपुरी की रिपोर्ट
जबलपुर के कटंगा स्थित जिला उद्योग भवन में प्रशासनिक अनदेखी का आलम यह है कि यहां करोड़ों की लागत से बना बुनियादी ढांचा अब बदहाली की कगार पर पहुंच गया है। भवन में लगी दोनों लिफ्ट पिछले एक साल से अधिक समय से मेंटेनेंस के अभाव में धूल फांक रही हैं, जिसके कारण यहां आने वाले नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रमुख कार्यालय परिसर में एमपी इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, स्मार्ट सिटी इनक्यूबेशन सेंटर और व्यापार एवं उद्योग केंद्र जैसे महत्वपूर्ण दफ्तर संचालित होते हैं, जहां रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी उन दिव्यांगों और बुजुर्गों को हो रही है, जिन्हें अपने जरूरी सरकारी कार्यों के लिए मजबूरन कई मंजिलों तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही हैं। स्थानीय लोगों और आगंतुकों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे आम जनता में गहरा असंतोष व्याप्त है।
हैरानी की बात यह है कि इस परिसर की देखरेख के लिए बाकायदा "उद्योग भवन रखरखाव समिति" गठित है, लेकिन इसके बावजूद अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। लिफ्ट की समस्या तो गंभीर है ही, साथ ही फार्म एवं सोसाइटी ऑफिस के रिकॉर्ड रूम की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। यहां छत से बारिश का पानी टपकने की समस्या है, जिससे वहां रखे हजारों संस्थाओं के महत्वपूर्ण पंजीयन रिकॉर्ड्स के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, इस पूरे मामले पर जब प्रभारी अधिकारी से जानकारी ली गई, तो उनका कहना है कि मरम्मत की प्रक्रिया पाइपलाइन में है और जल्द ही लिफ्ट को ठीक करवा लिया जाएगा। अब देखना यह होगा कि यह आश्वासन कब तक धरातल पर उतरता है या फिर नागरिकों को इसी तरह सीढ़ियां चढ़ने की जद्दोजहद जारी रखनी होगी।

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