सत्य प्रहार न्यूज़, डिंडोरी
अमरपुर में जनगणना अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 100% लक्ष्य के करीब प्रशासन
जिला कलेक्टर एवं जनगणना अधिकारी श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के कुशल निर्देशन में अमरपुर क्षेत्र में स्वजनगणना का विशेष अभियान पूरी गति से संचालित हो रहा है। एसडीएम रामबाबू देवांगन के मार्गदर्शन और नायब तहसीलदार सुरभि सुलाखे की सक्रियता से अब तक तीन गाँवों में शत-प्रतिशत स्वजनगणना का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही जनपद और तहसील मुख्यालय के सभी कर्मचारियों की गणना भी सुनिश्चित की गई है। नायब तहसीलदार ने विश्वास जताया है कि शेष गाँवों में भी जल्द ही लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहयोग की अपील की है।
एमपीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय में तीन केंद्र निर्धारित, कंट्रोल रूम स्थापित
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की प्रारंभिक परीक्षा आगामी 26 अप्रैल (रविवार) को आयोजित होने जा रही है। जिला प्रशासन ने परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिला मुख्यालय पर शासकीय एकलव्य हायर सेकेन्डरी विद्यालय, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय और शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। किसी भी प्रकार की सहायता या शिकायत के लिए कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। परीक्षार्थी प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख श्री देवेन्द्र कुमार सिंगौर (9424340912) व अन्य नियुक्त कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी कर दी गई है।
ग्राम अझवार में 'मिशन शक्ति' के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के नेतृत्व में 'मिशन शक्ति' अभियान के अंतर्गत आज ग्राम अझवार में सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वन स्टॉप सेंटर डिंडोरी द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को केंद्र की 'संबल' एवं 'सामर्थ्य' योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध आवाज उठाते हुए इसके कानूनी और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई। महिलाओं को किसी भी संकट की स्थिति में महिला हेल्पलाइन 181 और वन स्टॉप सेंटर हेल्पलाइन 7828195167 का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
शहपुरा में जनगणना प्रगणकों का प्रशिक्षण शुरू, भीषण गर्मी में स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह
जनगणना वर्ष 2026-27 के प्रथम चरण के कार्यों हेतु शहपुरा के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में प्रगणकों और सुपरवाइजरों के द्वितीय बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया है। एसडीएम शहपुरा श्री ऐश्वर्य वर्मा ने प्रशिक्षण के पहले दिन टीम भावना और गुणवत्ता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि फील्ड में कार्य के दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए सभी कर्मचारी अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। बैठक में बताया गया कि ग्राम भीमडोंगरी ने शत-प्रतिशत स्वगणना का लक्ष्य प्राप्त कर मिसाल पेश की है, जिसकी प्रशासन ने सराहना की है।
वाटरशेड योजना 2.0 की समीक्षा: मानसून से पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में वाटरशेड प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में खेत तालाब, चेक डेम और स्टॉप डेम जैसी जल संरक्षण संरचनाओं की प्रगति जांची गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के आगमन से पूर्व सभी निर्माणाधीन कार्यों को हर हाल में पूरा किया जाए और उनकी फोटोग्राफ्स निर्धारित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाएं। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन की भावुक अपील: तपती दोपहर में आपके द्वार आएंगे प्रगणक, करें सहयोग
आगामी जनगणना कार्य को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से संवेदनशीलता बरतने का आग्रह किया है। प्रशासन ने कहा है कि भीषण गर्मी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद शिक्षक और अन्य कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य करेंगे, अतः नागरिक उनके साथ शालीनता का व्यवहार करें। इसके साथ ही ऑनलाइन स्वगणना की सुविधा (Se.census.gov.in) का लाभ उठाने की भी सलाह दी गई है, जिससे प्रक्रिया सरल और त्वरित हो सके।
बैगा विकास योजना में 5.60 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी, जिला प्रबंधक की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव
डिण्डौरी जिले में मीडिया में प्रकाशित बैगा विकास और वाटरशेड राशि में अनियमितता की खबर के बाद कलेक्टर कार्यालय द्वारा कराई गई जांच में बड़ी धोखाधड़ी सामने आई है। जांच में पाया गया कि तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधक श्रीमती मीना परते और श्रीमती निशारानी पडवार ने बिना कलेक्टर या सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के, परियोजना की डीपीआर (DPR) को स्वयं ही संशोधित कर नियमों का उल्लंघन किया। इन अधिकारियों ने स्वीकृत बागवानी गतिविधियों के स्थान पर धान चक्की, ऑयल मिल और सिलाई मशीन जैसी अन्य मदों में 5,60,06,200 रुपये की भारी राशि का अनधिकृत भुगतान कर दिया।
इस गंभीर लापरवाही और वित्तीय भ्रष्टाचार के चलते श्रीमती मीना परते की संविदा सेवाएं तत्काल समाप्त करने हेतु भोपाल मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं, निशारानी पडवार पर भी उच्च न्यायालय के निर्देशों के अधीन सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जा रही है। मामले में संलिप्त अन्य विकासखण्ड प्रबंधकों को अंतिम चेतावनी जारी कर दी गई है।
’’नामांकन लक्ष्य अधूरा रहने पर कलेक्टर सख्त, अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश’’
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान कक्षा 1 से 8वीं तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए 30 अप्रैल 2026 की समय-सीमा निर्धारित की गई थी।
निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीपीसी स्टाफ, बीआरसी, एपीसी, बीईओ एवं स्कूलों के संस्था प्रमुखों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जब तक नामांकन का कार्य पूर्ण नहीं होगा, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र ही शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत सुचारु रूप से हो सके।
डीपीसी श्रीमती श्वेता अग्रवाल, श्रीमती प्रमिला मिश्रा एपीसी, श्री अमित गौलिया एपीसी, श्री बीके मिश्रा सहायक यंत्री, प्रोग्रामर श्री अनुराग पटेल सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
खबर आपकी, प्रहार हमारा।
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