डिंडोरी, मध्य प्रदेश | रिपोर्ट: अभिलाष शुक्ला, सत्य प्रहार
डिंडोरी जिले में आज एक बेहद भावुक और गौरवपूर्ण पल देखने को मिला। कलेक्टोरेट सभागार में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान बरसों से संघर्ष कर रहे पीड़ित परिवारों के चेहरे उस समय खिल उठे, जब उन्हें शासन की ओर से अनुकंपा नियुक्ति के पत्र सौंपे गए। अपनों को खोने के बाद आर्थिक और मानसिक तंगी से जूझ रहे इन परिवारों के लिए यह नियुक्ति पत्र सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का एक नया आधार है।
पारदर्शिता की मिसाल: बिना भेदभाव के हुआ चयन
कार्यक्रम के दौरान शाहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने जिला प्रशासन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डिंडोरी जिले के इतिहास में पहली बार अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया इतनी पारदर्शिता और बिना किसी भेदभाव के पूरी की गई है। विधायक धुर्वे ने कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की तारीफ करते हुए कहा कि मैडम ने सभी विभागों से जानकारी मंगवाई, छानबीन की और वरिष्ठता के आधार पर पूरी मेरिट लिस्ट तैयार करवाई, जिससे पात्र लोगों को उनका हक मिल सका।
किस विभाग में कितनी मिली नियुक्तियां?
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने इस अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2020 से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता दी गई। आज बांटे गए पत्रों में:
कलेक्टर कार्यालय: सहायक ग्रेड-3 के 7 पद।
वन विभाग: 2 वनरक्षक के पद।
शिक्षा विभाग: 1 शिक्षक का पद।
जनजातीय कार्य विभाग: भृत्य और रसोइया के 33 पद।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे और पद रिक्त होंगे या नए आवेदन आएंगे, उन्हें भी पात्रता के अनुसार प्राथमिकता से निराकृत किया जाएगा।
खुशियों की नई उम्मीद
जैसे ही विधायक ओमप्रकाश धुर्वे और कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और खुशी के आंसुओं से भर गया। सत्य प्रहार से बात करते हुए कई हितग्राहियों ने इस पहल के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया। विधायक जी ने नवनियुक्त कर्मचारियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें पूरी निष्ठा से जनता की सेवा करने की प्रेरणा दी।
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