कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर गहरी समीक्षा की। उन्होंने जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (MMR & IMR) की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, इसमें तत्काल और ठोस सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए।
🚨 मुख्य फोकस: मातृ-शिशु मृत्यु दर और सतत निगरानी
कलेक्टर भदौरिया ने सभी नोडल अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारियों को एक माह के भीतर परिणाम दिखाने के लिए निर्देशित किया।
कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने कहा: "मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों को सतत निगरानी सुनिश्चित करनी होगी और मासिक समीक्षा कर एक माह में ठोस सुधार लाना होगा।"
🔎 इन कार्यक्रमों की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में 1 अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 तक की अवधि में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित निम्नलिखित प्रमुख कार्यक्रमों की प्रगति की बारीकी से जांच की गई:
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: एएनसी (ANC) पंजीयन, संस्थागत प्रसव, पोषण पुनर्वास केन्द्र (NRC) संचालन और मातृ-शिशु मृत्यु दर (MMR/IMR) प्रबंधन।
टीकाकरण और परिवार कल्याण: संपूर्ण टीकाकरण कवरेज और परिवार कल्याण कार्यक्रमों की प्रगति।
रोग नियंत्रण: टीबी नियंत्रण, एनीमिया प्रबंधन, पीआईएच (PIH) और सिकल सेल एनीमिया उपचार की स्थिति।
योजना क्रियान्वयन: आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति और एसएनसीयू (SNCU) डिस्चार्ज की समीक्षा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ. अजय राज समेत जिला एवं विकासखंड स्तर के समस्त प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आगामी समीक्षा बैठक में प्रत्येक अधिकारी को बेहतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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