डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में आज राजनीति का एक अनोखा और बेहद तल्ख चेहरा देखने को मिला। मनरेगा मजदूरों के रुके हुए भुगतान और अन्य मांगों को लेकर क्षेत्रीय विधायक ओंकार सिंह मरकाम ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़कों पर 'भीख' मांगी। विधायक का यह अंदाज पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
खाली खजाने का दिया संदेश
विधायक ओंकार सिंह मरकाम के नेतृत्व में आज जिले भर से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक विशाल रैली निकाली। इस रैली का मुख्य आकर्षण विधायक का विरोध करने का तरीका था। हाथ में कटोरा और झोली में टमाटर, तेल व अन्य खाद्य सामग्री लेकर विधायक जनता के बीच पहुंचे और सरकार के लिए भीख मांगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की मोहन सरकार के पास जनता को देने के लिए पैसे नहीं हैं और सरकारी खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है।
45 करोड़ का भुगतान न होने पर फूटा गुस्सा
विधायक ने बताया कि डिंडौरी जिले में मनरेगा मजदूरों का लगभग 45 करोड़ रुपये का भुगतान अक्टूबर माह से रुका हुआ है। बार-बार अनुरोध के बावजूद प्रशासन और शासन इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी के विरोध में कांग्रेस ने जनता के बीच जाकर चंदा और राशन इकट्ठा किया, ताकि इसे सरकार तक पहुंचाया जा सके।
प्रशासन के फूले हाथ-पांव, घंटों लगा रहा जाम
जैसे ही विधायक और कार्यकर्ताओं का यह हुजूम शहर की सड़कों पर उतरा, प्रशासन में खलबली मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस विशाल रैली और अनोखे प्रदर्शन के कारण डिंडौरी शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और मुख्य मार्गों पर घंटों तक लंबा जाम लगा रहा।
कलेक्टरेट में सौंपी 'भीख' और दी बड़ी चेतावनी
शहर का भ्रमण करने के बाद रैली कलेक्टरेट कार्यालय पहुंची। वहां विधायक मरकाम ने भीख में मिले पैसे और खाद्य सामग्री को सरकारी प्रतिनिधि के रूप में मौजूद डिप्टी कलेक्टर जे.पी. यादव को सौंप दिया।
इस दौरान विधायक ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा:
"मोदी जी कमजोर हैं, इसलिए हमने उनका पुतला नहीं जलाया बल्कि उन्हें भीख दी है। यदि सरकार के पास मजदूरों को देने के लिए पैसे नहीं हैं, तो वे खुलकर बता दें। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर भीख मांगेंगे और दिल्ली का खजाना भरेंगे, लेकिन गरीबों का हक मरने नहीं देंगे।"
विधानसभा में भी प्रदर्शन की दी धमकी
विधायक मरकाम ने केवल सड़कों तक ही सीमित रहने की बात नहीं कही। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि "अगर सरकार ने समय पर मजदूरों का भुगतान नहीं किया, तो आगामी विधानसभा सत्र के दौरान मैं सदन के भीतर भी इसी तरह कटोरा लेकर भीख मांगूंगा और सरकार की कंगाली का मुद्दा उठाऊंगा।"
अन्य कर्मचारियों की मांगों का भी किया समर्थन
प्रदर्शन के दौरान विधायक ने मनरेगा मजदूरों के साथ-साथ अंशकालीन कर्मचारियों, आशा-ऊषा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की लंबित समस्याओं को भी प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की रीढ़ कही जाने वाली इन बहनों का हक मारना बंद होना चाहिए। अंत में उन्होंने कांग्रेस के गौरवशाली इतिहास और गांधी-नेहरू परिवार के बलिदानों को याद करते हुए कार्यकर्ताओं को संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
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