डिंडोरी जिले के खेल मैदानों में इन दिनों नई ऊर्जा और सपनों का संचार देखने को मिल रहा है। 'खेलो एमपी यूथ गेम्स 2026' के तहत जिले की छिपी हुई प्रतिभाओं को तलाशने के लिए विकासखंड स्तर पर चयन स्पर्धाओं का सफल आयोजन किया जा रहा है。 जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी मोहम्मद अहमद खान ने चर्चा के दौरान बताया कि संचालनालय खेल और युवा कल्याण विभाग, भोपाल के दिशा-निर्देशों के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ अंडर-19 वर्ग के खिलाड़ियों का चयन किया जा रहा है。
जिले के सातों विकासखंडों में एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी और कुश्ती सहित कुल 18 खेलों में युवा अपनी प्रतिभा का जौहर दिखा रहे हैं。 बिरसा मुंडा स्टेडियम और पुलिस लाइन जैसे केंद्रों पर सुबह से ही खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है。 मोहम्मद अहमद खान ने स्पष्ट किया कि सभी नोडल अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं, ताकि चयन प्रक्रिया समय पर और सुव्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके。 खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाया गया है, जिससे प्रतिभाओं का एक डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार हो रहा है
हालांकि, इस शानदार आयोजन और खिलाड़ियों के अटूट उत्साह के बीच मैदानों की स्थिति पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है। वर्तमान में खिलाड़ी सीमित संसाधनों और सामान्य बुनियादी ढांचे के बीच अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे हैं। ग्राउंड लेवल पर देखा जाए तो यदि मैदानों की स्थिति को और अधिक आधुनिक बनाया जाए और खिलाड़ियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा, बेहतर पेयजल व स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाए, तो परिणाम और भी सुखद हो सकते हैं。
विशेषज्ञों और खेल प्रेमियों का मानना है कि डिंडोरी की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन यदि इन उभरते सितारों को शासन के निर्देशों के अनुरूप उच्च स्तरीय सुविधाएं और बेहतर खेल मैदान उपलब्ध कराए जाएं, तो ये खिलाड़ी न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय पटल पर भी जिले का नाम रोशन कर सकते हैं。 उम्मीद है कि भविष्य में प्रशासन इन छोटी-छोटी कमियों को दूर कर एक ऐसा खेल वातावरण तैयार करेगा, जहाँ हर गरीब और ग्रामीण खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा साबित करने का सही और सुविधायुक्त मंच मिल सके।
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