कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने की। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय सहित महिला एवं बाल विकास अधिकारी और जिले के समस्त विकासखंडों से आए चिकित्सा अधिकारी व स्वास्थ्य प्रबंधक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक की अवधि में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की। समीक्षा के केंद्र में विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं का ए.एन.सी. पंजीयन, एनीमिया प्रबंधन, टीकाकरण अभियान और आयुष्मान कार्ड निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे रहे। इसके साथ ही कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्रों की स्थिति, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों और सिकल सेल एनीमिया व टी.बी. नियंत्रण कार्यक्रमों की प्रगति का भी जायजा लिया।
समीक्षा के दौरान जिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से कम पाई गई, वहां कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले खंड चिकित्सा अधिकारियों को तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय और पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँच सके और जिले के सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके।
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