डिंडौरी प्रशासन ने झोलाछाप डॉक्टरों पर कसा शिकंजा, रुसा में अवैध क्लीनिक सील

 आम जनमानस की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध 'सत्य प्रहार' न्यूज़ चैनल ने लंबे समय से एक मुहिम छेड़ रखी है। हमारी टीम लगातार ज़मीनी हकीकत उजागर कर प्रशासन को यह चेताती रही है कि कैसे डिग्री के अभाव में ये तथाकथित डॉक्टर लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। 'सत्य प्रहार' के इसी सतत अभियान और दबाव का असर अब डिंडौरी जिले में व्यापक रूप से दिखने लगा है।


गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने इसी क्रम में बड़ी कार्यवाही करते हुए अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वालों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। ग्राम रुसा में संचालित एक क्लीनिक की औचक जांच के दौरान भारी अनियमितताएं पाई गईं। जाँच टीम ने पाया कि वहाँ क्लीनिक संचालित कर रहे डॉ. अरुण चन्द्र बाला के पास केवल होम्योपैथी की डिग्री थी, लेकिन वे नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से एलोपैथिक दवाओं के जरिए मरीजों का इलाज कर रहे थे। मौके पर बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं ज़ब्त की गईं और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिक को सील कर वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है।

यह पूरी कार्यवाही नायब तहसीलदार करंजिया श्री शैलेश गौर, हल्का पटवारी विजय श्रीवास्तव, नंदकुमार परस्ते और मेडिकल विभाग की एक संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। प्रशासन ने इस कार्यवाही के माध्यम से यह संदेश दिया है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

'सत्य प्रहार' न्यूज़ चैनल अपने दर्शकों और डिंडौरी की जनता को आश्वस्त करता है कि इन 'क्वैक्स' (झोलाछाप चिकित्सकों) के खिलाफ हमारा यह विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने तो अब कार्यवाही शुरू की है, लेकिन 'सत्य प्रहार' की टीम आगे भी ऐसे अवैध केंद्रों को उजागर करती रहेगी ताकि जिले का कोई भी गरीब और मासूम व्यक्ति इन अप्रशिक्षित लोगों के चंगुल में फंसकर अपनी जान न गंवाए। हमारा यह सामाजिक सरोकार और प्रशासन को जगाने का सिलसिला सतत जारी रहेगा।

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