विशेष जमीनी रिपोर्ट: धान खरीदी की चुनौतियां और प्रशासन का 'एक्शन प्लान'—कुकर्रामठ -सरहरी उपार्जन केंद्र से चांदपुर तक 'सत्य प्रहार' की पड़ताल

 डिंडौरी: जिले में इन दिनों चारों ओर खेतों और खलिहानों में धान की महक है, लेकिन इस खुशहाली के बीच व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा भी चल रही है। कल दोपहर बाद कुकर्रामठ सरहरी उपार्जन केंद्र पर जो कुछ हुआ, वह व्यवस्थाओं के दबाव और प्रशासनिक सूझबूझ की एक बड़ी कहानी कहता है। कुकर्रामठ का शांत माहौल अचानक नारों से गूंज उठा और अमरकंटक हाईवे पर किसानों ने चक्काजाम कर दिया। वाहनों के पहिए थम गए और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। प्रदर्शन कर रहे किसानों का दर्द गहरा था और उनके आरोप भी गंभीर थे। किसानों का कहना था कि उन्हें धान भरने के लिए पर्याप्त बारदाने नहीं मिल रहे हैं और उन्हें खुद ही हमाली और नाप-तौल का काम करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, किसानों ने यह बड़ा आरोप भी लगाया कि नियम 40 किलो प्रति बोरी का है, लेकिन केंद्र पर उनसे तय मात्रा से अधिक धान लिया जा रहा है।

जाम की खबर मिलते ही प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। इत्तेफाक से वहां से गुजर रहे SDOP श्री सतीश द्विवेदी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपना वाहन रुकवाया और सीधे किसानों के बीच जा पहुंचे। उन्होंने सड़क पर  ही किसानों की पीड़ा सुनी और मौके पर मौजूद प्रबंधन सहायक राजेश बिलागर को अव्यवस्थाओं के लिए कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार के आदेश दिए। 

कुछ ही देर में तहसीलदार श्री राम कुमार मार्को और पटवारी श्री बलिराम भवेदी ने भी कमान संभाली केंद्र प्रबंधक श्री नारायण ठाकुर ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि  केंद्र मुख्य मार्ग पर होने के कारण यहाँ 30,000 बोरी के लक्ष्य के मुकाबले अचानक तीन गुना आवक हो गई है, जिससे संसाधनों की किल्लत हुई। 

मामले को पूरी तरह सुलझाने के लिए जब 'सत्य प्रहार' की टीम ने जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी श्री आकाश तुरकर से फोन पर सीधी बात की, तो उन्होंने बहुत ही सकारात्मक आश्वासन दिया। आकाश तुरकर जी ने स्पष्ट कहा कि वे स्वयं अब इन केंद्रों की व्यक्तिगत रूप से निरंतर मॉनिटरिंग करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो और किसानों को कोई तकलीफ न आए।

इस हलचल के बाद हमारी टीम ने चांदपुर उपार्जन केंद्र का भी जायजा लिया, जहाँ की तस्वीर काफी सुखद मिली। वहां प्रशासन का प्रबंधन प्रभावी दिखा और किसान सुचारू रूप से चल रही खरीदी से संतुष्ट नजर आए। कुल मिलाकर यह देखा जा सकता है कि कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया के नेतृत्व में राजस्व SDM भारती मेरावी, SDM राम बाबू देवांगन और जिला आपूर्ति विभाग की पूरी टीम मुस्तैदी से डटी हुई है। कुकर्रामठ की घटना एक आकस्मिक दबाव का नतीजा थी, जिससे सीख लेकर प्रशासन अब और भी पुख्ता तैयारी में जुट गया है। विषम परिस्थितियों में भी स्थिति को समय रहते संभालने के लिए जिला प्रशासन निश्चित ही बधाई का पात्र है।

सत्य प्रहार का संकल्प और विशेष अपील

हमारी टीम जिले के हर उपार्जन केंद्र पर स्वयं पहुँच रही है ताकि हम जमीनी स्थिति को बारीकी से जान सकें और जनहित में किसानों की आवाज को मजबूती दे सकें। हमारा सभी किसान भाइयों से विशेष अनुरोध है कि धान खरीदी के इस महत्वपूर्ण समय में किसी भी प्रकार की अफवाहों से पूरी तरह बचें क्योंकि अफवाहें केवल व्यवस्था को बिगाड़ने का काम करती हैं। यदि आपको किसी भी केंद्र पर कोई समस्या या असुविधा होती है, तो तुरंत हमें और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें। हम हर मोर्चे पर आपके साथ खड़े हैं और आपकी समस्याओं का निराकरण हमारी प्राथमिकता है।

सत्य प्रहार: खबर आपकी, प्रहार हमारा।

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