डिंडौरी कलेक्टर सख्त: जनहित में लापरवाही पर गिरेगी गाज, लापरवाह अफसरों पर ठोका जुर्माना

 डिंडौरी कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया का सख्त तेवर देखने को मिला। जिले के विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर सीधी समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।डिंडौरी कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया का सख्त तेवर देखने को मिला। जिले के विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर सीधी समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 


सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर 'पेनाल्टी' का हंटर

बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पाया कि कई विभागों ने शिकायतों को अटेंड तक नहीं किया है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने संस्थागत वित्त विभाग, निर्वाचन, परिवहन, होमगार्ड, ऊर्जा विभाग और मनरेगा जैसे विभागों के अधिकारियों पर 1000-1000 रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। यह राशि चालान या बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से झंडा दिवस/सैनिक कोष खाते में जमा करानी होगी। साथ ही, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के 100 दिनों से अधिक पुराने लंबित मामलों को तत्काल निपटाने की चेतावनी दी गई है।

'नो हेलमेट, नो पेट्रोल' की सख्ती

सड़क सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने जिले में बड़ा फैसला सुनाया है। आगामी 1 फरवरी से पूरे जिले के पेट्रोल पंपों पर 'नो हेलमेट, नो पेट्रोल' का नियम सख्ती से लागू होगा। एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि बिना हेलमेट के आने वाले वाहन चालकों को पेट्रोल न दिया जाए।

बार-बार चक्कर काटने वाले आवेदकों पर एक्शन

कलेक्टर ने ई-गवर्नेंस प्रबंधक को उन विभागों की 'ब्लैक लिस्ट' तैयार करने का आदेश दिया है, जिनके पास आवेदक जनसुनवाई में तीन-तीन बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ। ऐसे अधिकारियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दिव्यांगजनों और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

जिले के दिव्यांगजनों के लिए कलेक्टर ने अभियान चलाकर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। वहीं, 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत एनीमिया से ग्रसित बालिकाओं के नियमित उपचार और दवा वितरण के लिए स्वास्थ्य विभाग को मुस्तैद रहने को कहा गया है।

राजस्व और विकास कार्यों की डेडलाइन तय

राजस्व मामलों (नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा) और ई-केवाईसी में तेजी लाने के साथ ही कलेक्टर ने हाट बाजारों में जैविक उत्पादों के प्रचार-प्रसार और स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी सहित जिले के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर 'पेनाल्टी' का हंटर

बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पाया कि कई विभागों ने शिकायतों को अटेंड तक नहीं किया है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने संस्थागत वित्त विभाग, निर्वाचन, परिवहन, होमगार्ड, ऊर्जा विभाग और मनरेगा जैसे विभागों के अधिकारियों पर 1000-1000 रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। यह राशि चालान या बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से झंडा दिवस/सैनिक कोष खाते में जमा करानी होगी। साथ ही, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के 100 दिनों से अधिक पुराने लंबित मामलों को तत्काल निपटाने की चेतावनी दी गई है।

'नो हेलमेट, नो पेट्रोल' की सख्ती

सड़क सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने जिले में बड़ा फैसला सुनाया है। आगामी 1 फरवरी से पूरे जिले के पेट्रोल पंपों पर 'नो हेलमेट, नो पेट्रोल' का नियम सख्ती से लागू होगा। एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि बिना हेलमेट के आने वाले वाहन चालकों को पेट्रोल न दिया जाए।

बार-बार चक्कर काटने वाले आवेदकों पर एक्शन

कलेक्टर ने ई-गवर्नेंस प्रबंधक को उन विभागों की 'ब्लैक लिस्ट' तैयार करने का आदेश दिया है, जिनके पास आवेदक जनसुनवाई में तीन-तीन बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ। ऐसे अधिकारियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दिव्यांगजनों और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

जिले के दिव्यांगजनों के लिए कलेक्टर ने अभियान चलाकर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। वहीं, 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत एनीमिया से ग्रसित बालिकाओं के नियमित उपचार और दवा वितरण के लिए स्वास्थ्य विभाग को मुस्तैद रहने को कहा गया है।

राजस्व और विकास कार्यों की डेडलाइन तय

राजस्व मामलों (नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा) और ई-केवाईसी में तेजी लाने के साथ ही कलेक्टर ने हाट बाजारों में जैविक उत्पादों के प्रचार-प्रसार और स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी सहित जिले के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे।

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