कलेक्टर की मैराथन समीक्षा बैठक; समय-सीमा कार्यों में लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, जल जीवन मिशन में संविदाकार का अनुबंध समाप्त , आरसेटी लक्ष्य पूर्ण न होने पर कलेक्टर की चेतावनी

डिण्डौरी | 05 जनवरी, 2026 कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशासनिक बैठकों की श्रृंखला आयोजित कर जिले के विकास कार्यों और स्वरोजगार योजनाओं की सघन समीक्षा की। कलेक्टर ने विभागीय कार्यों में देरी पर कड़े तेवर दिखाते हुए स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और संविदाकारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

समय-सीमा बैठक: सीएम हेल्पलाइन और राजस्व कार्यों पर सख्ती

दिन की पहली बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी माह में किसी भी विभाग की शिकायत 'नॉन-अटेंड' रही, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी। उन्होंने 50 दिनों से अधिक लंबित मामलों के निराकरण और 22 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में 'सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत नदी किनारे स्थित किसानों को सौर ऊर्जा सिंचाई उपकरणों से जोड़ने और हाट-बाजारों में जैविक उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

जल जीवन मिशन: संविदाकार आर.के. गुप्ता का अनुबंध समाप्त करने के निर्देश

इसके बाद आयोजित जल जीवन मिशन की बैठक में कलेक्टर ने लक्ष्य से पिछड़ने पर सख्त रुख अपनाया। दिसंबर माह के लिए निर्धारित 99 नल-जल योजनाओं में से केवल 41 पूर्ण होने पर उन्होंने मेसर्स आर.के. गुप्ता का अनुबंध समाप्त करने की कार्यवाही के निर्देश दिए। मेंहदवानी के ग्राम खमरिया मॉल में धीमी गति से कार्य कर रहे संविदाकार अनिल तिवारी को नोटिस जारी किया गया। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को जनवरी माह में कम से कम 80 योजनाएं अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के आदेश दिए।


आरसेटी सलाहकार समिति: लक्ष्य पूर्ण न होने पर कलेक्टर की चेतावनी

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने वित्त वर्ष 2025-26 का लक्ष्य पूर्ण न होने पर डायरेक्टर को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि समय-सीमा के अंदर लक्ष्य पूर्ण करें, अन्यथा उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर उनकी शिकायत की जाएगी। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि संस्थान द्वारा आयोजित किसी भी प्रशिक्षण की सूचना पहले सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को लिखित में दी जाए, ताकि शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को इन प्रशिक्षणों का सही लाभ मिल सके। बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना और 'प्रोजेक्ट उन्नति' प्रशिक्षण की प्रगति पर भी चर्चा की गई।


बैठक में अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री दिव्यांशु चौधरी, डीडीएम नाबार्ड श्री देवव्रत पाल, विभिन्न विभागों के एसडीएम और श्रीमती अपर्णा पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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