'सत्य प्रहार' की विशेष ज़मीनी पड़ताल: कागजी दावों और धरातल की कड़वी सच्चाई के बीच पिसती जनता!
डिंडौरी: इंदौर की हालिया जल त्रासदी ने जहाँ पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं डिंडौरी का नगर प्रशासन इस गंभीर घटना से सबक लेने के बजाय कुंभकर्णी निद्रा में लीन प्रतीत हो रहा है। 'सत्य प्रहार' की टीम ने जब शहर की धमनियों का जायजा लिया, तो विकास के दावों की खोखली बुनियाद उजागर हो गई।
नर्मदा गंज: गंदगी के ढेर और व्यवस्थाओं का दम घुटता दम
नगर का हृदय स्थल कहा जाने वाला नर्मदा गंज क्षेत्र आज प्रशासनिक उपेक्षा का जीवंत उदाहरण बन चुका है। यहाँ चोक हो चुकी नालियां और कचरे के अंबार न केवल बीमारियों को निमंत्रण दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय निवासियों के मानवीय अधिकारों का भी हनन कर रहे हैं। आश्चर्य का विषय है कि जहाँ स्वच्छता के नाम पर कागजों पर भारी-भरकम बजट व्यय किया जा रहा है, वहीं ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।
जल प्रबंधन की विफलता: नियमों को ठेंगा दिखाती 'डायरेक्ट' मोटरें
पूरे नगर में पाइपलाइनों का क्षतिग्रस्त होना आम बात हो गई है, जिससे अमूल्य जल का अपव्यय हो रहा है। सार्वजनिक नलों से टोटियां गायब हैं और नियम-विरुद्ध तरीके से डायरेक्ट (Direct) मोटर लगाकर जल दोहन किया जा रहा है। यह न केवल अनैतिक है बल्कि उन नागरिकों के प्रति अन्याय है जो बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा यह अवैध कृत्य उनकी कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
चेतावनी: यह मात्र आगाज़ है, अभी हर वार्ड का हिसाब बाकी है
नगर परिषद यह कदापि न समझे कि उसकी जवाबदेही समाप्त हो गई है। 'सत्य प्रहार' अब जनहित के संकल्प के साथ मैदान में उतर चुका है। यह हमारी पड़ताल का केवल आगाज़ है। आने वाले दिनों में हम नगर के प्रत्येक वार्ड की सूक्ष्म जांच करेंगे और व्यवस्थाओं की पोल खोलेंगे। जब तक जनता को उनका अधिकार और एक स्वच्छ परिवेश प्राप्त नहीं होता, हमारी यह मुहिम अनवरत जारी रहेगी।
प्रशासन जागृत हो, इससे पहले कि विलंब हो जाए! जुड़े रहें 'सत्य प्रहार' के साथ - सत्य की शक्ति, जनता की आवाज़।

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