कलेक्टर का विजन: "डिंडौरी में स्थापित हों 15-20 नए उद्योग"
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिले में उद्योगों की अपार संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि जिले में 15-20 नए उद्योग स्थापित होते हैं, तो यह डिंडौरी के कायाकल्प में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने सभी शासकीय विभागों को निर्देशित किया कि वे छोटे उद्यमियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में पूर्ण सहयोग करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन 'Ease of Doing Business' के लिए प्रतिबद्ध है और उद्यमियों को हर संभव मदद दी जाएगी।
RAMP योजना और तकनीकी सुदृढ़ीकरण
मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम (MPLUN) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य MSME इकाइयों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। विशेषज्ञों ने उद्यमियों को ZED (जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट), LEAN, IPR और TREDS जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। बताया गया कि इन प्रणालियों को अपनाकर उद्यमी अपनी उत्पादन लागत कम कर सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता प्राप्त कर सकते हैं।
नई सांगठनिक घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मनीष पटेल ने जिले में संगठन की नई 'संयोजक इकाई' की घोषणा की। इसमें श्री रविराज बिलैया को संयोजक और श्री रोहित कांसकार को सह-संयोजक का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। यह नई टीम जिले के उद्यमियों और शासन के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करेगी।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और उपस्थिति
कार्यशाला में जबलपुर से आए श्री बी. के. नीमा, RAMP भोपाल से श्री अभिषेक तिवारी और ZED भोपाल से श्री हर्षित जोशी ने अपने तकनीकी विचार साझा किए। कार्यक्रम के सफल संचालन में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक श्रीमती राधिका कुशरो और प्रबंधक श्री संजय कुमार सुमन की प्रमुख भूमिका रही।
इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक (NULM) श्रीमती श्वेता तिवारी, श्रम अधिकारी श्री नीरज तेकाम, आईटीआई प्रतिनिधि श्री मुकेश भांडे सहित जिले के प्रतिष्ठित उद्योगपति और डीआईसी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
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