डिंडौरी | पीएम पोषण (मध्यान्ह भोजन) कार्यक्रम में लगातार मिल रही शिकायतों और गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री दिव्यांशु चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम बम्हनी में संचालित 'करिश्मा स्व-सहायता समूह' के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
निरीक्षण में खुली पोल, मीनू को किया जा रहा था दरकिनार
इस कार्रवाई की नींव 14 अगस्त 2025 को पड़ी, जब जनपद पंचायत समनापुर के CEO ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समूह की भारी लापरवाही सामने आई:
- मानकों का उल्लंघन: बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था।
- गुणवत्ता में कमी: परोसे जा रहे खाने की गुणवत्ता और मात्रा निर्धारित मानकों से काफी कम पाई गई।
- शिकायतों की अनदेखी: ग्रामीणों ने इस अव्यवस्था को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिक्षकों द्वारा बार-बार समझाइश देने के बावजूद समूह के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ और बच्चों को रोजाना एक ही जैसा भोजन परोसा जा रहा था।
कारण बताओ नोटिस का नहीं मिला संतोषजनक जवाब
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत समूह को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था और 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, समूह की ओर से कोई भी ठोस या संतोषजनक जवाब पेश नहीं किया गया। त्रि-स्तरीय समिति के प्रतिवेदन और अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन को आधार मानते हुए जिला पंचायत CEO ने समूह को हटाने का अंतिम निर्णय लिया।
"बच्चों के पोषण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।" — प्रशासनिक आदेश से
अब शाला प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला बम्हनी में अब पीएम पोषण कार्यक्रम का संचालन शाला प्रबंधन समिति द्वारा किया जाएगा। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है ताकि बच्चों को मिलने वाले दैनिक पोषण आहार में कोई व्यवधान न आए और उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।

0 टिप्पणियाँ