डिंडौरी, 04 जनवरी 2026: जिले के शहपुरा विकासखंड में आयुष्मान योजना के अंतर्गत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कथित अनियमितताओं और शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डिंडौरी द्वारा प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं।
जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
दस्तावेजों के अनुसार, शहपुरा क्षेत्र में आयुष्मान प्रोत्साहन राशि के वितरण में कुछ विसंगतियों की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इस विषय में 24 दिसंबर 2025 को एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया था। जांच की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए वर्तमान नेतृत्व में बदलाव किया गया है।
प्रमुख प्रशासनिक परिवर्तन
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:
डॉ. सत्येंद्र परस्ते (CBMO, शहपुरा): जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इन्हें वर्तमान प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। उन्हें अस्थाई रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मेहन्दवानी में संलग्न किया गया है।
डॉ. रत्नेश द्विवेदी: सिविल अस्पताल शहपुरा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. द्विवेदी को आगामी आदेश तक खंड चिकित्सा अधिकारी का संपूर्ण प्रभार सौंपा गया है ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।
जिला प्रशासन का यह कदम सत्यता का पता लगाने और जांच की शुचिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। शासन का मुख्य उद्देश्य आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण योजना का लाभ नियमानुसार सही पात्रों तक पहुंचाना सुनिश्चित करना है।
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